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रोहित शर्मा का 35वाँ वनडे शतक: 'यह जश्न सिर्फ मेरे लिए था,' गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 रन

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रोहित शर्मा का 35वाँ वनडे शतक: 'यह जश्न सिर्फ मेरे लिए था,' गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 रन

सारांश

75 गेंदों पर 101 रन, 406 का सफल पीछा, और एक रहस्यमयी जश्न जिसे रोहित ने 'सिर्फ अपने लिए' बताया — गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह जीत सिर्फ स्कोरकार्ड नहीं, एक अनुभवी खिलाड़ी की अंतरात्मा की झलक थी।

मुख्य बातें

रोहित शर्मा ने 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना 35वाँ वनडे शतक ( 75 गेंदों पर 101 रन ) जड़ा।
शुभमन गिल नाबाद 223 रन बनाकर भारत को 406 रनों के विशाल लक्ष्य तक ले गए; भारत ने आठ विकेट से जीत दर्ज की।
रोहित और गिल ने ओपनिंग विकेट के लिए 255 रनों की साझेदारी की।
रोहित ने शतक के बाद किए गए अनोखे जश्न को 'पूरी तरह निजी' बताया — 'कुछ चीजें बस अपने लिए होती हैं।' मैदान पर रवींद्र जडेजा ने जश्न का मतलब पूछा; रोहित ने विनोद में कहा — 50 ओवर फील्डिंग के बाद स्लाइड करना संभव नहीं था।

भारत के अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी के एसीए स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना 35वाँ वनडे शतक जड़ा — 75 गेंदों पर 101 रन — और इस दौरान किए गए अपने अनोखे जश्न को उन्होंने 'पूरी तरह निजी' करार दिया। उनकी यह पारी कप्तान शुभमन गिल (नाबाद 223 रन) के साथ मिलकर 255 रनों की ओपनिंग साझेदारी का हिस्सा बनी, जिसने भारत को 406 रनों के ऐतिहासिक लक्ष्य का पीछा करते हुए आठ विकेट से शानदार जीत दिलाई।

रहस्यमयी जश्न की कहानी

शतक पूरा होते ही रोहित ने सिंगल दौड़ते समय घुटने ऊपर उठाने जैसा अनोखा सेलिब्रेशन किया और हल्के से बल्ला उठाया। इस जश्न ने मैदान पर मौजूद साथी खिलाड़ियों को भी चौंका दिया। मैच के बाद जब रोहित से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'मैं उस जश्न को अपने तक ही सीमित रखता हूँ। यह मेरे लिए है। कुछ चीजें बस आपके अपने लिए होती हैं। उन्हें किसी के साथ साझा नहीं किया जाता। तो हाँ, वह मेरे लिए था।'

यह जवाब जितना संक्षिप्त था, उतना ही भावपूर्ण भी — एक ऐसे खिलाड़ी की आवाज़ जो वर्षों की मेहनत, उतार-चढ़ाव और फिर वापसी का गवाह रहा हो।

जडेजा से हल्की-फुल्की नोकझोंक

रोहित ने बताया कि मैदान पर ही रवींद्र जडेजा ने उनसे उस जश्न का मतलब पूछा था। उन्होंने कहा, 'वह मुझसे पूछ रहे थे कि वह क्या था? मैंने कहा कि मैं तुम्हें ड्रेसिंग रूम में बताऊँगा। जडेजा काफी नए-नए आइडिया दे रहे थे — वह चाहते थे कि मैं आकर स्लाइड करूँ और कूदूँ। मैंने कहा, यार, 50 ओवर फील्डिंग और लगभग 25-30 ओवर बल्लेबाज़ी करने के बाद, मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करने वाला था।' इस किस्से ने रोहित की विनोदी शैली और अनुभव-जन्य व्यावहारिकता दोनों को एक साथ उजागर किया।

406 रनों के लक्ष्य का सामना: मानसिकता और रणनीति

406 रनों का विशाल लक्ष्य देखकर घबराने की बजाय रोहित और गिल ने साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित किया। रोहित ने कहा, 'हम स्कोरबोर्ड के बारे में ज़्यादा नहीं सोच रहे थे। हम बस गेंद की मेरिट के हिसाब से खेलने की कोशिश कर रहे थे और पार्टनरशिप बनाते जा रहे थे। जब आप ऐसे टारगेट का पीछा कर रहे हों, तो बड़ी साझेदारियाँ ही खेल पलटती हैं — और ठीक वही हुआ।'

गौरतलब है कि वनडे क्रिकेट के इतिहास में 400 से अधिक रनों के सफल चेज़ बेहद दुर्लभ हैं, जो इस जीत को और भी उल्लेखनीय बनाता है।

शारीरिक और मानसिक दृढ़ता

अत्यधिक उमस भरे वातावरण में पहले 50 ओवर फील्डिंग और फिर लगभग 30 ओवर बल्लेबाज़ी — यह दोहरी चुनौती किसी के लिए भी थकाने वाली होती। रोहित ने इसका श्रेय अनुभव और फोकस को दिया। उनके शब्दों में, 'यह सब फोकस की बात है। आपको खुद को समझाते रहना होता है कि विकेट नहीं गंवाना है। यहीं पर इतने वर्षों के अनुभव का उपयोग होता है।'

उन्होंने जोड़ा कि टॉप ऑर्डर की भूमिका तय थी: 'हमें पता था कि पिच अच्छी है और टॉप ऑर्डर से बड़े रनों की ज़रूरत है। लगभग 250 रनों की साझेदारी ने खेल लगभग हमारे पक्ष में कर दिया।'

गिल की पारी की तारीफ

रोहित ने अपने ओपनिंग पार्टनर शुभमन गिल की भरपूर सराहना की, जो नाबाद 223 रन बनाकर भारत को लक्ष्य तक ले गए। रोहित ने कहा, 'गिल दूसरी तरफ शानदार खेल रहे थे। पूरी इनिंग के दौरान अपनी बैटिंग पर उनका पूरा कंट्रोल था, और आखिर तक नॉट आउट रहना भी देखने में बहुत अच्छा लगा।' यह जीत भारत की वनडे परिपक्वता का प्रमाण है, और रोहित के 35वें शतक के साथ उनके करियर में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी की मनोदशा की झलक है जो फॉर्म, फिटनेस और उम्र की बहसों के बीच खुद को बार-बार साबित करता रहा है। 35वाँ शतक उस दौर में आया जब वनडे में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं — ऐसे में यह पारी सिर्फ रन नहीं, एक बयान है। गिल के साथ 255 रनों की साझेदारी यह भी दिखाती है कि भारत का टॉप ऑर्डर अब 400 से ज़्यादा के लक्ष्य को भी सामान्य रूप से देखने लगा है — यह मानसिक बदलाव उतना ही महत्वपूर्ण है जितना स्कोरकार्ड।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित शर्मा का 35वाँ वनडे शतक कब और कहाँ आया?
रोहित शर्मा ने 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी के एसीए स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ 75 गेंदों पर 101 रन बनाकर अपना 35वाँ वनडे शतक पूरा किया। यह पारी भारत की 406 रनों के सफल पीछे में अहम भूमिका निभाई।
रोहित शर्मा ने शतक के बाद किया अनोखा जश्न क्या था?
रोहित ने शतक के बाद सिंगल दौड़ते समय घुटने ऊपर उठाते हुए एक अनोखा सेलिब्रेशन किया और हल्के से बल्ला उठाया। उन्होंने इसे पूरी तरह निजी बताते हुए कहा कि 'कुछ चीजें बस अपने लिए होती हैं।'
भारत ने 406 रनों का लक्ष्य कैसे हासिल किया?
रोहित शर्मा (101 रन) और शुभमन गिल (नाबाद 223 रन) ने ओपनिंग विकेट के लिए 255 रनों की विशाल साझेदारी की, जिसने खेल भारत के पक्ष में कर दिया। भारत ने अंततः आठ विकेट से जीत दर्ज की।
रवींद्र जडेजा और रोहित के बीच मैदान पर क्या हुआ?
रवींद्र जडेजा ने मैदान पर ही रोहित से उनके अनोखे जश्न का मतलब पूछा और सुझाव दिया कि वे स्लाइड करें व कूदें। रोहित ने हँसते हुए मना कर दिया, यह कहते हुए कि 50 ओवर फील्डिंग के बाद ऐसा करना उनके बस की बात नहीं थी।
400 से ज़्यादा रनों का पीछा करते समय रोहित की रणनीति क्या थी?
रोहित ने बताया कि उन्होंने स्कोरबोर्ड के दबाव से दूर रहकर गेंद की मेरिट पर खेलने और बड़ी साझेदारियाँ बनाने पर ध्यान दिया। उनके अनुसार, ऐसे लक्ष्यों में टॉप ऑर्डर की बड़ी पार्टनरशिप ही खेल का रुख तय करती है।
राष्ट्र प्रेस
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