रोहित शर्मा का लॉर्ड्स में 138 रनों का शतक, संन्यास की अफवाहों को किया खारिज
सारांश
मुख्य बातें
रोहित शर्मा ने 20 जुलाई को लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम, लंदन में तीसरे वनडे में 138 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन भारत इंग्लैंड के खिलाफ 27 रनों से मैच हार गया। मैच के बाद रोहित ने अपने संन्यास को लेकर चल रही तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि बाहरी शोर-शराबा उनके खेल पर कभी हावी नहीं हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में लॉर्ड्स के मैदान पर शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। उन्होंने अपनी पारी में 17 चौके और 5 छक्के लगाए। हालांकि, यह प्रदर्शन भारत को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा, क्योंकि टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 20-25 रन पीछे रह गई।
संन्यास की अटकलों पर रोहित का जवाब
बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में रोहित ने कहा, 'मेरा काम बल्ले से खेलना है। मैदान पर उतरना, अपने देश और टीम का प्रतिनिधित्व करना। मैंने जब से डेब्यू किया है, मुझे यही करने के लिए कहा गया है। इसी वजह से मैं यही करता रहूंगा।' 39 वर्षीय रोहित ने आगे कहा, 'अगर शोर-शराबा न हो, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर है; उनका काम बाहर है।'
सीरीज पर रोहित का आकलन
रोहित ने माना कि कार्डिफ में बल्लेबाजी में टीम थोड़ी पीछे रही और स्कोरबोर्ड पर पर्याप्त रन नहीं जुटाए जा सके। उन्होंने कहा, 'नतीजे से थोड़ी निराशा हुई, क्योंकि मुझे लगा कि हम बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे। बर्मिंघम में हमने जिस तरह से शुरुआत की, वह बहुत अच्छा था।' गौरतलब है कि यह सीरीज भारत के अपेक्षाकृत नए गेंदबाजी आक्रमण के लिए एक कठिन परीक्षा साबित हो रही है।
रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी
रोहित शर्मा और विराट कोहली ने लॉर्ड्स में अपनी 21वीं शतकीय साझेदारी पूरी की, जो वनडे इतिहास में सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली (26 साझेदारियाँ) के बाद दूसरे स्थान पर है। इस जोड़ी ने वनडे में मिलकर 8,000 से अधिक रन बनाए हैं और वे एक साथ 400 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी भी बन गई हैं।
रोहित ने कोहली के साथ अपनी ट्यूनिंग के बारे में कहा, 'हमने अपना पूरा करियर एक साथ खेला है। हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं।' आगे इस सीरीज में भारत की गेंदबाजी इकाई का विकास ही सबसे बड़ी चुनौती होगी।