लॉर्ड्स में रोहित शर्मा का वनडे रिकॉर्ड कमज़ोर, BCCI सचिव ने संन्यास की अटकलों को बताया निराधार
सारांश
मुख्य बातें
रोहित शर्मा के बल्ले से लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे प्रारूप में रन निकालना हमेशा से कठिन रहा है — और 18 जुलाई को भारत बनाम इंग्लैंड तीसरे वनडे से पहले यह आँकड़ा एक बार फिर चर्चा में है। इस ऐतिहासिक मैदान पर रोहित ने अब तक केवल 2 वनडे खेले हैं, जिनमें वे क्रमशः शून्य और 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे हैं। तीनों प्रारूपों को मिलाकर लॉर्ड्स में उनके 5 मैचों में 133 रन आए हैं, जो 22 की औसत दर्शाते हैं।
मौजूदा सीरीज़ में रोहित का प्रदर्शन
इंग्लैंड के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज़ में रोहित शर्मा अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली से दूर नज़र आए हैं। पहले वनडे में वे केवल 11 रन बनाकर आउट हुए, जबकि दूसरे वनडे में 47 गेंदों का सामना करने के बाद महज 26 रन ही जोड़ सके। स्ट्राइक रेट और रनों की कमी ने उनके प्रशंसकों को चिंतित किया है।
संन्यास की अटकलों पर BCCI का स्पष्टीकरण
सीरीज़ में लगातार दो फ्लॉप पारियों के बाद कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि लॉर्ड्स का यह मुकाबला रोहित का अंतिम वनडे हो सकता है और चयनकर्ता उन्हें एकदिवसीय टीम से बाहर करने पर विचार कर रहे हैं। इन अटकलों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट खंडन किया।
सैकिया ने कहा, 'रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन बोर्ड स्तर पर इस विषय में कोई बातचीत नहीं हुई है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि यह दावा पूरी तरह निराधार है कि रोहित रविवार को लॉर्ड्स में अपना अंतिम मैच खेलने वाले हैं। इस तरह की किसी भी चर्चा या निर्णय की जानकारी बोर्ड के पास नहीं है।'
लॉर्ड्स में रोहित का समग्र रिकॉर्ड
गौरतलब है कि लॉर्ड्स का मैदान रोहित के लिए ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है। वनडे में 2 मैचों में 15 रन (औसत 7.5) और तीनों प्रारूपों में मिलाकर 5 मैचों में 133 रन (22 की औसत) — ये आँकड़े उनके समग्र अंतरराष्ट्रीय औसत से काफी नीचे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सीरीज़ में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहेगा।
तीसरे वनडे में क्या उम्मीद
भारतीय टीम प्रबंधन की उम्मीद होगी कि रोहित 18 जुलाई को लॉर्ड्स में अपने खराब रिकॉर्ड को पलटते हुए एक प्रभावशाली पारी खेलें। BCCI के बयान के बाद अब सभी की निगाहें मैदान पर उनके प्रदर्शन पर होंगी — क्योंकि बल्ले से दिया गया जवाब ही सबसे बड़ा जवाब होगा।