क्या शतक बनाना सेनुरन मुथुसामी के लिए खास पल था?
सारांश
Key Takeaways
- सेनुरन मुथुसामी ने 109 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
- दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रन बनाए।
- मुथुसामी और जानसेन की साझेदारी ने खेल का रुख बदल दिया।
- भारतीय टीम ने बिना विकेट खोए 9 रन बनाए।
- मुथुसामी ऑलराउंडर के रूप में उभरे हैं।
गुवाहाटी, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत के साथ गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन के खेल की समाप्ति के बाद दक्षिण अफ्रीका ने एक मजबूत स्थिति में कदम रखा है। इस सफलता का मुख्य श्रेय सेनुरन मुथुसामी को जाता है। जब दक्षिण अफ्रीका ने 246 पर 6 विकेट खो दिए थे, तब सेनुरन ने बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला टेस्ट शतक बनाते हुए टीम को 489 तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद, मुथुसामी ने कहा, "इतनी विशाल भीड़ में शतक बनाना मेरे लिए सच में एक खास पल था। मुझे खुशी है कि मैंने टीम के लिए योगदान दिया और पहली पारी में महत्वपूर्ण रन बनाए।" उन्होंने वेरेन और मार्को जानसेन की भी प्रशंसा की, जिनकी पारियाँ बेहतरीन थीं।
जब दक्षिण अफ्रीका ने 6 विकेट खो दिए थे, तब मुथुसामी ने काइल वेरेन (45 रन) के साथ 88 और मार्को जानसेन के साथ 97 रन की साझेदारी की। मुथुसामी ने 206 गेंदों में 2 छक्के और 10 चौके लगाते हुए 109 रन बनाए। जानसेन ने शतक का मौका खो दिया और 93 रन पर आउट हो गए। इन पारियों के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रन बनाए।
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक, भारतीय टीम बिना किसी विकेट के नुकसान के 9 रन बना चुकी थी। यशस्वी जायसवाल 7 और केएल राहुल 2 रन बनाकर खेल रहे थे।
31 वर्षीय सेनुरन मुथुसामी दक्षिण अफ्रीका के लिए एक प्रमुख ऑलराउंडर बनकर उभरे हैं। उन्होंने अब तक 8 टेस्ट मैचों में 11 पारियों में 1 शतक और 2 अर्धशतक की मदद से 811 रन बनाए हैं और 22 विकेट भी लिए हैं।