वैष्णवी शर्मा के 6 विकेट, ऑस्ट्रेलिया-ए को 176 पर समेटा; भारतीय महिला टीम 322 रनों की बढ़त पर
सारांश
मुख्य बातें
धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में 30 सितंबर को खेले गए एकमात्र अनौपचारिक टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया-ए पर पूरी तरह दबदबा कायम रखा। वैष्णवी शर्मा की विस्फोटक गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलिया-ए की पहली पारी 176 रनों पर सिमट गई, और दिन का खेल समाप्त होने तक भारत दूसरी पारी में 2 विकेट खोकर 134 रन बना चुका था। कुल मिलाकर भारत की बढ़त 322 रन तक पहुँच गई है।
पहली पारी में भारत का दबदबा
भारतीय महिला टीम ने पहली पारी में 364 रन बनाकर ऑलआउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया-ए को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। मेहमान टीम की शुरुआत उम्मीद से बेहतर रही — ताहलिया विल्सन और कप्तान राहेल ट्रेनामन ने पहले विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती चुनौती दी।
हालाँकि, यह साझेदारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। ताहलिया 35 रन बनाकर निकी प्रसाद की गेंद पर आउट हुईं, और कप्तान राहेल भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाईं तथा 44 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।
वैष्णवी शर्मा की कहर बरपाती गेंदबाजी
मध्य क्रम में ऑस्ट्रेलिया-ए की बल्लेबाजी पूरी तरह ढह गई। कर्टनी वेब 14 रन, चार्ली नॉट 15 रन, अनिका लेरॉयड 12 रन और टेस फ्लिंटॉफ 11 रन बनाकर आउट हुईं। सियाना जिंजर खाता भी नहीं खोल सकीं, जबकि मिली इलिंगवर्थ ने केवल 5 रन जोड़े। निकोल फाल्टम 24 रन बनाकर नाबाद रहीं, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला।
गेंदबाजी में वैष्णवी शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट झटके — यह इस मैच का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा। शुचि उपाध्याय और निकी प्रसाद ने दो-दो विकेट लेकर उनका भरपूर साथ दिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया-ए 176 रनों पर ढेर हो गई और भारत को पहली पारी के आधार पर 188 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।
दूसरी पारी में भारत की ठोस शुरुआत
बढ़त को और विस्तार देने उतरी भारतीय टीम की दूसरी पारी भी संतोषजनक रही। शुभा सतीश और प्रिया पूनिया ने पहले विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी की। शुभा 27 रन बनाकर आउट हुईं।
इसके बाद प्रिया पूनिया ने कप्तान यास्तिका भाटिया के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़े। प्रिया ने 77 गेंदों का सामना कर 59 रन की उपयोगी पारी खेली और अर्धशतक पूरा करने के बाद आउट हुईं। दिन का खेल समाप्त होने तक कप्तान यास्तिका 33 रन बनाकर क्रीज पर जमी हुई थीं।
आम जनता और क्रिकेट प्रेमियों पर असर
यह अनौपचारिक टेस्ट भारतीय महिला टीम की आगामी सीरीज की तैयारी के लिए एक अहम कसौटी है। वैष्णवी शर्मा जैसी युवा गेंदबाजों का इस स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन चयनकर्ताओं को भी सोचने पर मजबूर कर सकता है। गौरतलब है कि भारतीय महिला क्रिकेट हाल के वर्षों में तेजी से उभरी है और ऐसे मैच नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर देते हैं।
क्या होगा आगे
भारत की 322 रनों की विशाल बढ़त के साथ मैच के शेष दिनों में मेज़बान टीम का पलड़ा भारी नज़र आता है। यास्तिका भाटिया की अगुवाई में भारत तीसरे दिन बढ़त को और बड़ा करने की कोशिश करेगा, जिससे ऑस्ट्रेलिया-ए के लिए मैच बचाना एक कठिन चुनौती बन जाएगी।