वेदांता हाफ मैराथन 2026: 40,000 धावकों ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दौड़ लगाई, CM रेखा गुप्ता ने दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 18 अक्टूबर 2026 को आयोजित वेदांता हाफ मैराथन में देश और दुनियाभर से करीब 40,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 10,000 महिलाएँ शामिल थीं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया और इस आयोजन को राष्ट्रीय फिटनेस चेतना की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
मुख्य आयोजन और भागीदारी
रविवार, 18 अक्टूबर को आयोजित इस मैराथन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशी धावकों ने भी हिस्सा लिया। 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन से लेकर अन्य श्रेणियों तक प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ दौड़ पूरी की। मुख्यमंत्री गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'वेदांता हाफ मैराथन में देश और दुनियाभर से 40 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें 10 हज़ार महिलाएँ शामिल रहीं। यह खास इवेंट है और यह सिर्फ स्पोर्टिंग इवेंट नहीं है।'
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संबोधन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस आयोजन ने दिल्ली में ऐसा माहौल तैयार किया है जिसमें समुदाय और सरहदों की दीवारें टूटती हैं और लोग एक साथ कदम बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा, 'फिट इंडिया मूवमेंट, जिसे लेकर देश के प्रधानमंत्री हमेशा आह्वान करते हैं, आज दिल्ली उस ओर लगातार बढ़ रही है।' गुप्ता ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस इवेंट को दिल्ली की पहचान का हिस्सा बना देना गर्व की बात है।
स्वर्ण पदक विजेता शैलेश कुशवाहा की उपलब्धि
21 किलोमीटर की हाफ मैराथन में गोल्ड मेडल जीतने वाले शैलेश कुशवाहा ने अपनी जीत पर प्रसन्नता जाहिर की। मूलतः प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के रहने वाले शैलेश प्रतियोगिताओं में बेंगलुरु, कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे TCS की 10,000 किलोमीटर की विश्व दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे थे, और इस बार पहला स्थान हासिल करना उनके लिए विशेष उपलब्धि है। शैलेश ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए पदक जीतना है।
प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया
रेडियो जॉकी आरजे नावेद ने इस मैराथन में भाग लेते हुए कहा, 'इस बार मुझे दिल्ली का उत्साह दस गुना ज़्यादा लग रहा है। तकनीक बेहतर हुई है और लोगों का जोश भी बढ़ा है।' उन्होंने दिल्ली की ऊर्जा को देश के अन्य शहरों से अलग और बेजोड़ बताया।
विदेशी प्रतिभागी चार्ल्स मटाटा ने भी अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, 'आज का अनुभव पिछले वर्षों के अनुभवों से कहीं बेहतर था क्योंकि आज मैं बहुत मज़बूत महसूस कर रहा था और मौसम भी मेरे लिए बहुत अनुकूल था।' उन्होंने बताया कि 8 किलोमीटर के बाद जब पेसर्स की गति धीमी पड़ने लगी, तब उन्होंने ठान लिया कि फिनिश लाइन तक पूरी ताकत लगाएँगे।
आगे की संभावनाएँ
वेदांता हाफ मैराथन अब दिल्ली के वार्षिक खेल कैलेंडर में एक स्थायी स्थान बना चुकी है। 40,000 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि देश में जन-स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता तेज़ी से बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में इस आयोजन का दायरा और व्यापक होने की संभावना है।