WTC प्वाइंट्स टेबल: लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रनों की जीत से इंग्लैंड छठे स्थान पर, पाकिस्तान सबसे नीचे
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की प्वाइंट्स टेबल में इंग्लैंड ने एक पायदान की छलांग लगाते हुए छठा स्थान हासिल कर लिया है। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से करारी शिकस्त दी। इस जीत के बाद इंग्लैंड का जीत प्रतिशत बढ़कर 34.44 हो गया है, जबकि पाकिस्तान महज 16.67% जीत प्रतिशत के साथ तालिका में सबसे निचले पायदान पर जा गिरा है।
मैच का घटनाक्रम
इंग्लैंड ने पहली पारी में 290 रन बनाए, जिसके जवाब में पाकिस्तानी बल्लेबाज़ इंग्लिश गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम महज 110 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 208 रन जोड़कर पाकिस्तान के सामने 389 रनों का कठिन लक्ष्य रखा।
ओली रॉबिन्सन, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की तिकड़ी ने पाकिस्तानी बल्लेबाज़ी को एक बार फिर ध्वस्त किया और मेहमान टीम दूसरी पारी में भी केवल 194 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने लीड्स के बाद लॉर्ड्स में भी जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
WTC प्वाइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति
ऑस्ट्रेलिया 80% जीत प्रतिशत के साथ तालिका में शीर्ष पर काबिज़ है। दक्षिण अफ्रीका 75% जीत प्रतिशत के साथ दूसरे और न्यूज़ीलैंड 72.22% के साथ तीसरे स्थान पर है। बांग्लादेश 55.56% जीत प्रतिशत के साथ चौथे और भारत 51.52% के साथ पाँचवें स्थान पर बना हुआ है।
इंग्लैंड की इस जीत का नुकसान श्रीलंका को हुआ, जो अब एक पायदान खिसककर सातवें स्थान पर आ गई है। पाकिस्तान तालिका में सबसे नीचे आठवें स्थान पर है।
सीरीज़ में आगे क्या
तीन मैचों की इस टेस्ट सीरीज़ का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। हालाँकि सीरीज़ इंग्लैंड के नाम हो चुकी है, तीसरे टेस्ट में WTC अंकों के लिए दोनों टीमें पूरी ताकत से उतरेंगी। पाकिस्तान के लिए यह मैच WTC तालिका में अपनी स्थिति सुधारने का आखिरी मौका होगा।
पाकिस्तान की मुश्किलें
पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी इस सीरीज़ में पूरी तरह नाकाम रही है। दोनों टेस्ट में टीम इंग्लिश तेज़ गेंदबाज़ों के सामने बिखरती नज़र आई। 16.67% का जीत प्रतिशत यह दर्शाता है कि WTC फाइनल की दौड़ में पाकिस्तान की उम्मीदें लगभग समाप्त हो चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान क्रिकेट पहले से ही घरेलू मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।