यश ठाकुर का लक्ष्य: बुमराह जैसी डेथ गेंदबाजी से भारत को मैच जिताना
सारांश
मुख्य बातें
युवा तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने 25 जुलाई को स्पष्ट किया कि डेथ ओवरों में महारत हासिल करना उनके क्रिकेट करियर का केंद्रीय लक्ष्य है। उन्होंने जसप्रीत बुमराह को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि वे सभी फॉर्मेट में बुमराह जैसी भूमिका निभाकर भारतीय टीम को जीत दिलाना चाहते हैं।
डेथ गेंदबाजी: ठाकुर का मूल मंत्र
यश ठाकुर ने जियोस्टार से बातचीत में कहा, 'जब से मैंने विदर्भ के लिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना शुरू किया, तभी से डेथ ओवरों का विशेषज्ञ गेंदबाज बनना मेरा लक्ष्य रहा है। मैच आखिरी ओवरों में ही जीते या हारे जाते हैं। मैं अपनी टीम के लिए उन्हीं ओवरों में अहम भूमिका निभाना चाहता था।' दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने बताया कि विदर्भ से इंडिया ए और अब सीनियर राष्ट्रीय टीम तक के सफर में यह सोच अटल रही।
हर चरण में अहम बनने की चाहत
ठाकुर ने कहा, 'चाहे मैं विदर्भ, इंडिया ए या आईपीएल के लिए खेल रहा होऊं, मैं डेथ गेंदबाजी को क्रिकेट की सबसे बड़ी चुनौती मानता हूं और इसमें महारत हासिल करना चाहता हूं। अगर मैं दबाव वाले हालात में अच्छा प्रदर्शन कर पाता हूं, तभी मैं असल में टीम पर असर डाल सकता हूं।' यह बयान उनकी उस मानसिकता को दर्शाता है जो घरेलू क्रिकेट के शुरुआती दिनों से ही उनके खेल की बुनियाद रही है।
बुमराह से प्रेरणा
जसप्रीत बुमराह के प्रति अपनी प्रशंसा जाहिर करते हुए ठाकुर ने कहा, 'मैं जसप्रीत बुमराह का बहुत सम्मान करता हूं क्योंकि वे हर फॉर्मेट और खेल के हर चरण में शानदार गेंदबाजी करते हैं। वे हालात को समझते हैं और उसी के हिसाब से खुद को ढाल लेते हैं।' ठाकुर ने यह भी जोड़ा कि वे बुमराह के तरीके को अपनाने की कोशिश करते हैं ताकि कप्तान पावरप्ले, मिडिल ओवर या डेथ ओवर — किसी भी चरण में उन पर भरोसा कर सके।
आगे का लक्ष्य
ठाकुर ने अपनी महत्वाकांक्षा को साफ शब्दों में रखा: 'मेरा लक्ष्य ऐसा खिलाड़ी बनना है जो विकेट ले सके और मैच जिता सके, ठीक वैसे ही जैसे बुमराह भारत के लिए करते हैं।' विदर्भ की घरेलू क्रिकेट से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे ठाकुर की यह स्पष्टता बताती है कि वे अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह केंद्रित हैं। आने वाले समय में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि वे भारतीय पेस आक्रमण में स्थायी जगह बना पाते हैं या नहीं।