6 अक्टूबर 2026
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जहीर खान के 48वें जन्मदिन पर याद: इंजीनियरिंग छोड़ी, विश्व कप 2011 में 21 विकेट से इतिहास रचा

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जहीर खान के 48वें जन्मदिन पर याद: इंजीनियरिंग छोड़ी, विश्व कप 2011 में 21 विकेट से इतिहास रचा

सारांश

इंजीनियरिंग छोड़कर क्रिकेट चुनने का फैसला करने वाले जहीर खान 48 के हो गए — वही जहीर जिन्होंने विश्व कप 2011 में 21 विकेट से भारत को इतिहास दिलाया। अब CSK के हेड कोच के रूप में उनकी नई पारी उतनी ही रोमांचक है।

मुख्य बातें

जहीर खान का जन्म 8 अक्टूबर 1978 को महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में हुआ; वह 6 अक्टूबर 2026 को 48 वर्ष के हुए।
कोच नाइक की सलाह पर इंजीनियरिंग छोड़कर क्रिकेट को करियर बनाया।
वनडे विश्व कप 2011 में 9 मैचों में 21 विकेट — टूर्नामेंट के संयुक्त सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज।
अंतरराष्ट्रीय करियर में 92 टेस्ट (311 विकेट) , 200 वनडे (282 विकेट) और 17 टी20 (17 विकेट) ।
2020 में पद्मश्री से सम्मानित; आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपरकिंग्स के हेड कोच नियुक्त।

भारतीय तेज गेंदबाजी के सबसे चमकदार अध्यायों में से एक जहीर खान बुधवार, 6 अक्टूबर 2026 को 48 वर्ष के हो गए। वनडे विश्व कप 2011 में 9 मैचों में 21 विकेट लेकर भारत को ऐतिहासिक खिताब दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाने वाले जहीर आज क्रिकेट के मैदान से कोचिंग की दुनिया में कदम रख चुके हैं, लेकिन एक बाएँ हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में उनकी विरासत भारतीय क्रिकेट की स्मृति में अमिट बनी हुई है।

साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण करियर तक

8 अक्टूबर 1978 को महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में एक साधारण परिवार में जन्मे जहीर खान ने शुरुआत में इंजीनियरिंग को अपना पेशा बनाने का इरादा किया था और कॉलेज में दाखिला भी ले लिया था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ वह स्थानीय क्रिकेट में भी सक्रिय रहे। मुंबई के लिए स्थानीय क्रिकेट में उनकी प्रतिभा को कोच नाइक ने पहचाना और उन्हें इंजीनियरिंग के बजाय क्रिकेट पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

यह एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ — न केवल जहीर की ज़िंदगी के लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी। उस एक सलाह ने भारत को एक ऐसा तेज गेंदबाज दिया जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना।

अंतरराष्ट्रीय करियर: आँकड़ों में एक महान गेंदबाज

मुंबई और बड़ौदा के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने के बाद जहीर ने 2000 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। अपने अंतिम मैच तक — जो 2014 में खेला गया — वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धुरी बने रहे। चोटों ने उनके करियर को बाधित किया, फिर भी उन्होंने 92 टेस्ट में 311 विकेट, 200 वनडे में 282 विकेट और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 17 विकेट हासिल किए।

गौरतलब है कि बाएँ हाथ के गेंदबाज आमतौर पर बाएँ हाथ के बल्लेबाजों को चुनौती देने में सीमित माने जाते हैं, लेकिन जहीर ने सनथ जयसूर्या, कुमार संगाकारा, ग्रीम स्मिथ और मैथ्यू हेडन जैसे दिग्गज बाएँ हाथ के बल्लेबाजों को बार-बार आउट किया — जो उनकी बहुआयामी गेंदबाजी क्षमता का प्रमाण है।

विश्व कप 2011: जहीर का सर्वश्रेष्ठ अध्याय

वनडे विश्व कप 2011 जहीर खान के करियर का सबसे चमकदार अध्याय रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 9 मैचों में 21 विकेट लिए और शाहिद अफरीदी के साथ संयुक्त रूप से टूर्नामेंट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। भारत ने उस टूर्नामेंट में दूसरी बार वनडे विश्व चैंपियन का ताज पहना — और जहीर की स्विंग, यॉर्कर और स्लोअर डिलीवरी उस ऐतिहासिक जीत की बुनियाद थी।

यह ऐसे समय में आया था जब भारतीय तेज गेंदबाजी लंबे अरसे से स्पिन की छाया में थी। जहीर ने अपनी विविधताओं — स्विंग, यॉर्कर, बाउंसर और स्लोअर गेंद — से साबित किया कि भारत भी तेज गेंदबाजी में विश्व के सर्वश्रेष्ठ की बराबरी कर सकता है।

आईपीएल और कोचिंग में नई पारी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अक्टूबर 2015 में संन्यास लेने के बाद जहीर का जुड़ाव खेल से कम नहीं हुआ। उन्होंने 100 आईपीएल मैचों में 102 विकेट लिए। संन्यास के बाद वह मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ विभिन्न भूमिकाओं में जुड़े रहे।

आईपीएल 2026 के लिए चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) ने उन्हें अपना हेड कोच नियुक्त किया है — एक ऐसी भूमिका जिसने क्रिकेट प्रेमियों में नई उत्सुकता जगाई है। 2020 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया, जो उनकी क्रिकेट सेवाओं की राष्ट्रीय मान्यता थी।

आगे क्या

CSK के हेड कोच के रूप में जहीर का असली इम्तिहान आईपीएल 2026 में होगा, जहाँ उन्हें एक चैंपियन टीम की विरासत को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। गेंदबाजी की बारीकियाँ जो उन्होंने अपने करियर में आत्मसात कीं, वे अब अगली पीढ़ी के गेंदबाजों तक पहुँचने का इंतज़ार कर रही हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जहीर खान ने इंजीनियरिंग क्यों छोड़ी?
जहीर खान ने इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था, लेकिन मुंबई में स्थानीय क्रिकेट खेलते हुए कोच नाइक की नज़र उन पर पड़ी। नाइक ने उनकी प्रतिभा पहचानते हुए इंजीनियरिंग छोड़कर क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, जिसके बाद जहीर ने क्रिकेट को ही अपना करियर बनाया।
विश्व कप 2011 में जहीर खान का प्रदर्शन कैसा रहा?
वनडे विश्व कप 2011 में जहीर खान ने 9 मैचों में 21 विकेट लिए और शाहिद अफरीदी के साथ संयुक्त रूप से टूर्नामेंट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। वह उस टूर्नामेंट में भारत के सबसे सफल गेंदबाज थे और भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जाती है।
जहीर खान का अंतरराष्ट्रीय करियर कितने साल का रहा?
जहीर खान ने 2000 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और 2014 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। उन्होंने अक्टूबर 2015 में आधिकारिक रूप से संन्यास की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।
जहीर खान को पद्मश्री कब मिला?
भारत सरकार ने 2020 में जहीर खान को पद्मश्री से सम्मानित किया, जो भारतीय क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान की राष्ट्रीय मान्यता थी।
आईपीएल 2026 में जहीर खान की क्या भूमिका है?
चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) ने आईपीएल 2026 के लिए जहीर खान को अपना हेड कोच नियुक्त किया है। संन्यास के बाद वह मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ भी विभिन्न भूमिकाओं में जुड़े रह चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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