पुष्कर में श्रावणी उपाकर्म: पवित्र यज्ञोपवीत संस्कार

राजस्थान के पुष्कर में 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक श्रद्धालु ने परंपरागत श्रावणी उपाकर्म अनुष्ठान संपन्न किए — यह पवित्र श्रावण मास की परिणति का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पुष्कर के घाटों पर श्रावणी उपाकर्म के तहत श्रद्धालु ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जनेऊ धारण करने की रस्म अदा की — यह अनुष्ठान श्रावण मास के समापन का संकेत देता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

श्रावणी उपाकर्म हिंदू परंपरा में वह अनुष्ठान है जिसमें ब्राह्मण समुदाय श्रावण पूर्णिमा पर नया यज्ञोपवीत धारण कर वेद अध्ययन का नवीन चक्र आरंभ करता है — पुष्कर, राजस्थान में 28 अगस्त 2026 को यह दृश्य देखने को मिला। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

राजस्थान के पुष्कर में 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एकत्र होकर श्रावणी उपाकर्म के पारंपरिक अनुष्ठान सम्पन्न किए, जो पवित्र श्रावण मास के समापन का प्रतीक हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा का संयोग एक साथ पड़ा, जिससे पुष्कर के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ी और श्रावणी उपाकर्म के अनुष्ठान विशेष श्रद्धा के साथ संपन्न हुए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पुष्कर के पवित्र सरोवर घाटों पर श्रावणी उपाकर्म के दौरान वैदिक मंत्रों की गूँज और यज्ञोपवीत धारण की परंपरा ने 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के पर्व को आध्यात्मिक रूप से विशेष बना दिया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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