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अहमदाबाद में स्टील कॉइल के नीचे छिपी 697 किलो अफीम की भूसी जब्त, ₹1.47 करोड़ की संपत्ति बरामद

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अहमदाबाद में स्टील कॉइल के नीचे छिपी 697 किलो अफीम की भूसी जब्त, ₹1.47 करोड़ की संपत्ति बरामद

सारांश

नागपुर से सानंद जा रहे एक ट्रक में स्टील कॉइल के नीचे छिपाई गई लगभग 697 किलो अफीम की भूसी जब्त। ₹1.47 करोड़ की संपत्ति बरामद, एक गिरफ्तार और दो अन्य संदिग्धों की तलाश जारी — तीन राज्यों में फैला हो सकता है यह तस्करी नेटवर्क।

मुख्य बातें

अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने 8 अक्टूबर 2026 को खेड़ा-ढोलका राजमार्ग पर ट्रक रोककर 696.94 किलोग्राम अफीम की भूसी जब्त की।
नशीला पदार्थ 36 बोरियों में पैक होकर स्टील कॉइल के नीचे छिपाया गया था; खेप का मूल्य ₹1.045 करोड़ ।
ट्रक, स्टील कॉइल, मोबाइल फोन और नकद सहित कुल बरामद संपत्ति का मूल्य ₹1.47 करोड़ ।
चालक भैराराम ताराड (33 वर्ष, बाड़मेर, राजस्थान) गिरफ्तार; जेताराम कडवाशा (समाखियाली, कच्छ) हिरासत में।
खेप लोड करने वाला संतोष (झाबुआ, मध्य प्रदेश) अभी फरार, तलाश जारी।
NDPS अधिनियम की धारा 8(C), 15(C) और 29 के तहत ढोलका ग्रामीण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज।

अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने 8 अक्टूबर 2026 की रात खेड़ा-ढोलका राजमार्ग पर एक ट्रक-ट्रेलर को रोककर 696.94 किलोग्राम अफीम की भूसी जब्त की, जिसे स्टील कॉइल के नीचे छिपाकर नागपुर (महाराष्ट्र) से सानंद (गुजरात) ले जाया जा रहा था। जब्त नशीले पदार्थ का अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹1.045 करोड़ है, जबकि ट्रक, स्टील कॉइल और अन्य सामग्री सहित कुल बरामद संपत्ति की कीमत ₹1.47 करोड़ आँकी गई है।

अभियान की पृष्ठभूमि और सूचना तंत्र

यह संयुक्त अभियान अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) और मादक पदार्थ विरोधी शाखा (ANW) द्वारा मिलकर चलाया गया। SOG के सब-इंस्पेक्टर को विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि एक ट्रक-ट्रेलर में स्टील कॉइल की आड़ में बड़ी मात्रा में अफीम की भूसी छिपाई गई है। सूचना में यह भी बताया गया था कि यह वाहन 8 अक्टूबर की रात खेड़ा-ढोलका राजमार्ग से गुज़रेगा, जिसके बाद पुलिस टीमों ने वाहन का पीछा किया और उसे रोका।

तलाशी में खुला राज़

जब पुलिस ने स्टील कॉइल को ढकने वाली तिरपाल हटाई, तो कॉइल के नीचे दबे 36 काले और पीले बोरे बरामद हुए, जिनमें संदिग्ध नशीला पदार्थ भरा हुआ था। ये स्टील कॉइल कथित तौर पर नागपुर से टाटा मोटर्स, सानंद को डिलीवरी के लिए ले जाए जा रहे थे — एक वैध औद्योगिक आपूर्ति शृंखला का इस्तेमाल तस्करी की आड़ के रूप में किया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार ट्रक चालक की पहचान राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी 33 वर्षीय भैराराम ताराड के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, चालक को गुजरात में माल उसके निर्धारित प्राप्तकर्ता तक पहुँचाने के बदले ₹2 लाख का भाड़ा देने का वादा किया गया था।

तस्करी नेटवर्क और संदिग्ध

जाँच के अनुसार, अफीम की यह खेप मध्य प्रदेश के झाबुआ के पास संतोष नामक व्यक्ति द्वारा ट्रेलर में लोड की गई थी। संतोष फिलहाल फरार है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा, कच्छ जिले के समाखियाली निवासी जेताराम कडवाशा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कडवाशा पर माल का ऑर्डर देने वाले प्राप्तकर्ता होने का संदेह है और उससे पूछताछ जारी है।

गौरतलब है कि यह तस्करी नेटवर्क कम से कम तीन राज्यों — मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात — तक फैला हुआ प्रतीत होता है, जो इसे एक संगठित अंतरराज्यीय ऑपरेशन का संकेत देता है।

कानूनी कार्रवाई और बरामद संपत्ति

ढोलका ग्रामीण पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज़ (NDPS) अधिनियम की धारा 8(C), 15(C) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जब्त संपत्ति का विवरण इस प्रकार है:

ट्रक-ट्रेलर का मूल्य लगभग ₹20 लाख, स्टील कॉइल का मूल्य लगभग ₹22.22 लाख, दो मोबाइल फोन का मूल्य ₹7,000 और नकद ₹32,010 — इसके अलावा ₹1.045 करोड़ मूल्य की अफीम की भूसी बरामद की गई।

आगे की जाँच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खेप के मूल स्रोत और इस नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। फरार आरोपी संतोष की तलाश में विभिन्न राज्यों की पुलिस से समन्वय किया जा रहा है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि किस तरह तस्कर वैध औद्योगिक माल की आड़ में नशे की खेप की आवाजाही करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तस्करी का तरीका है — टाटा मोटर्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनी की वैध आपूर्ति शृंखला का इस्तेमाल आड़ के रूप में करना। यह संकेत देता है कि तस्करी नेटवर्क अब औद्योगिक माल-परिवहन में घुसपैठ कर रहे हैं, जो रूटीन चेकिंग से बच निकलने का एक परिष्कृत तरीका है। तीन राज्यों में फैले इस नेटवर्क की जड़ें और मध्य प्रदेश के झाबुआ क्षेत्र से खेप की आवाजाही यह भी दर्शाती है कि पोस्त उत्पादन क्षेत्रों से माल खिसकाने के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में जब्त अफीम की भूसी कितनी थी और उसका मूल्य क्या था?
अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने 696.94 किलोग्राम अफीम की भूसी जब्त की, जिसका बाज़ार मूल्य ₹1.045 करोड़ आँका गया है। ट्रक, स्टील कॉइल और अन्य सामग्री सहित कुल बरामद संपत्ति की कीमत ₹1.47 करोड़ है।
नशीला पदार्थ किस तरह छिपाया गया था?
अफीम की भूसी को 36 काले और पीले बोरों में पैक कर स्टील कॉइल के नीचे रखा गया था और ऊपर से तिरपाल से ढका गया था। यह खेप नागपुर से टाटा मोटर्स, सानंद के लिए वैध माल की आड़ में भेजी जा रही थी।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन फरार है?
ट्रक चालक भैराराम ताराड (33 वर्ष, बाड़मेर, राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया है और जेताराम कडवाशा (समाखियाली, कच्छ) को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। खेप को लोड करने वाला संतोष (झाबुआ, मध्य प्रदेश) अभी फरार है।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
ढोलका ग्रामीण पुलिस स्टेशन में NDPS अधिनियम की धारा 8(C), 15(C) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जाँच SOG और ANW द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
यह तस्करी नेटवर्क कितने राज्यों में फैला है?
जाँच के अनुसार, यह नेटवर्क कम से कम तीन राज्यों — मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात — में सक्रिय प्रतीत होता है। खेप मध्य प्रदेश के झाबुआ से लोड हुई, महाराष्ट्र के नागपुर से रवाना हुई और गुजरात में पकड़ी गई।
राष्ट्र प्रेस
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