अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का भंडाफोड़: मूंगफली की आड़ में 5,988 बोतल शराब तस्करी, MP का आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने 24 अक्टूबर 2026 को शराब तस्करी के एक चतुराईपूर्ण मामले का पर्दाफाश किया, जिसमें मूंगफली के बैगों की आड़ में 5,988 बोतल अवैध शराब गुजरात में पहुँचाने की कोशिश की जा रही थी। मध्य प्रदेश के निवासी एक आरोपी को मौके पर गिरफ्तार किया गया और जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत ₹27,55,824 आँकी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
क्राइम ब्रांच को एक विश्वसनीय सूचना मिली थी कि नारोल-विशाला रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के समीप, आसिफ स्टील नामक दुकान के सामने एक व्यक्ति बिना किसी वैध पास या परमिट के मूंगफली की आड़ में अवैध माल लेकर खड़ा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर पहुँचकर आरोपी को पकड़ा।
जाँच में खुलासा हुआ कि मूंगफली से भरे दिखने वाले बैगों के भीतर अलग-अलग कंपनियों की भारत में निर्मित अंग्रेजी शराब की छोटी और बड़ी मिलाकर कुल 5,988 बोतलें छुपाई गई थीं, जिनकी मात्रा 1,946.52 लीटर थी।
जब्त सामग्री का विवरण
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री जब्त की: 5,988 बोतल भारत निर्मित विदेशी शराब (काँच व प्लास्टिक, अनुमानित कीमत ₹18,69,944), 160 बैग मूंगफली (कीमत ₹80,000), एक आईसर ट्रक (कीमत ₹8,00,000), एक मोबाइल फोन (कीमत ₹5,000) और ₹1,000 नकद। जब्त सभी वस्तुओं की संयुक्त अनुमानित कीमत ₹27,55,824 है।
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के निवासी के रूप में हुई है, जिसका पता इनरा कॉलोनी, धार बस स्टैंड के पीछे, तालुक धार, जिला धार बताया गया है। मूल रूप से वह ग्राम पिंगलेश्वर, चिमनगंज मंडी पुलिस स्टेशन, तालुक उज्जैन, जिला उज्जैन, मध्य प्रदेश का निवासी है। आरोपी के विरुद्ध डीसीबी पोस्ट ऑफिस में विधिसम्मत कार्रवाई दर्ज की गई है।
जाँच की दिशा
अधिकारियों के अनुसार, जाँच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप किसने भेजी, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और गुजरात में इस नेटवर्क के माध्यम से कितनी मात्रा में अवैध शराब पहले भेजी जा चुकी है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह खेप अंततः किसे पहुँचाई जानी थी।
गौरतलब है कि गुजरात एक शुष्क राज्य है, जहाँ शराब की बिक्री और परिवहन पर कानूनी प्रतिबंध है। यह मामला उस बड़े तस्करी नेटवर्क की ओर संकेत करता है जो पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब गुजरात में पहुँचाने के लिए रोज़मर्रा की वस्तुओं को आड़ के रूप में इस्तेमाल करता है।