अधीर रंजन चौधरी का ममता बनर्जी पर हमला: भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी
सारांश
Key Takeaways
- अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को भाजपा की सहयोगी बताया।
- चुनाव प्रचार में रुकावट का सामना करना पड़ा।
- राजनीतिक समीकरणों में जटिलताएँ हैं।
- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।
- उम्मीदें चुनाव में सकारात्मक परिणाम की।
मुर्शिदाबाद, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 'भाजपा का एजेंट' कहे जाने पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी स्वयं भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी हैं। उनके रहते भाजपा को अधीर रंजन चौधरी की आवश्यकता नहीं हो सकती।
पश्चिम बंगाल के कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "जब तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में हैं, मैं भाजपा के करीब नहीं जा सकता। असल में ममता बनर्जी ही थीं जिन्होंने भाजपा को बंगाल में लाया। इतना ही नहीं, वह एक समय भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। ममता बनर्जी के रहते भाजपा को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती है।"
उन्होंने आगे कहा, "राजनीतिक समीकरण के अनुसार, ममता बनर्जी उनकी सबसे बड़ी सहयोगी हैं। दोनों मिलकर चुनाव लड़ते हैं। कभी 'प्रो एनआरसी, नो एनआरसी' और कभी 'प्रो एसआईआर-नो एसआईआर' के बीच समीकरण बने रहते हैं।"
कांग्रेस नेता ने हाल ही में एक रैली के दौरान हुए हमले के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया, "चुनाव प्रचार के दौरान, तृणमूल कांग्रेस के कुछ उपद्रवियों ने मुझे रोकने की कोशिश की। वहां मौजूद स्थानीय पुलिस ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया, हालाँकि उन्हें पहले से ही ऐसी घटना की संभावना के बारे में सूचित किया गया था। हम लोगों ने खुद मुकाबला किया और तब जाकर हमारी रैली आगे बढ़ पाई।"
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत की संभावनाओं पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "मैं आंकड़ा नहीं बता सकता। हम लोग लड़ रहे हैं, यह बड़ी बात है। हमें चुनाव से उम्मीदें हैं कि जो भी निर्णय आएगा, वह सकारात्मक होगा।"
इसी बीच, अधीर रंजन चौधरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के 'कोलकाता पर हमले' के बयान पर उत्तर दिया। उन्होंने कहा, "वह केवल बयान दे सकते हैं। वह खुद भूख से परेशान हैं। जो अपने लोगों को दो वक्त की रोटी नहीं दे सकता, वह किसे मार पाएगा। पाकिस्तान को पहले अपने लोगों के पेट भरने का इंतजार करना चाहिए।"