26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या एयरोस्पेस मेडिसिन पर 100 से अधिक वैज्ञानिक रिसर्च पेपर वायुसेना प्रमुख के साथ होंगे उपस्थित?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या एयरोस्पेस मेडिसिन पर 100 से अधिक वैज्ञानिक रिसर्च पेपर वायुसेना प्रमुख के साथ होंगे उपस्थित?

सारांश

भारतीय विमानन चिकित्सा सोसायती का सम्मेलन 20-21 नवंबर को होगा, जिसमें 300 से अधिक वैज्ञानिक एयरोस्पेस मेडिसिन पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे। एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में नवीनतम अनुसंधान, तकनीकी प्रगति, और नीतियों पर चर्चा होगी।

मुख्य बातें

एयरोस्पेस मेडिसिन पर 100 से अधिक रिसर्च पेपर प्रस्तुत होंगे।
सम्मेलन में 300 से अधिक वैज्ञानिक भाग लेंगे।
सिंह उद्घाटन करेंगे।
मुख्य विषय होगा “एयरोस्पेस मेडिसिन में नवाचार: अनंत संभावनाएँ” ।
सम्मेलन विज्ञान संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच होगा।

नई दिल्ली, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। एयरोस्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में 300 से अधिक वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और डेलीगेट भारत में एकत्रित होंगे। ये सभी भारतीय विमानन चिकित्सा सोसायती के वार्षिक सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह भी उपस्थित रहेंगे।

इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख वैज्ञानिक एयरोस्पेस मेडिसिन से संबंधित रिसर्च पेपर प्रस्तुत करेंगे। इन वैज्ञानिकों में डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं, इसरो और अन्य संस्थानों के शोधकर्ता शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय विमानन चिकित्सा सोसायती का 64वां वार्षिक सम्मेलन 20-21 नवंबर 2025 को इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन, बेंगलुरु में आयोजित होगा।

सम्मेलन का उद्घाटन एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह द्वारा 20 नवंबर को किया जाएगा। इस दौरान 100 से अधिक वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें एयरोस्पेस मेडिसिन से जुड़े नवीनतम अनुसंधान, तकनीकी प्रगति और नीतिगत चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।

यह मंच प्रतिभागियों को वैज्ञानिक संवाद, प्रस्तुतिकरण और नेटवर्किंग का एक समृद्ध अवसर प्रदान करेगा। यह एक ऐसा अवसर होगा जो देश में इस क्षेत्र के भविष्यगत शोध और नीतियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय “एयरोस्पेस मेडिसिन में नवाचार: अनंत संभावनाएँ” है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह उड़ान सुरक्षा एवं वायुसैनिकों के सर्वोच्च प्रदर्शन हेतु आधुनिक एयरोस्पेस चिकित्सा के उभरते दृष्टिकोणों पर केंद्रित है। सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी स्मृति व्याख्यान शामिल है, जिसे प्रसिद्ध इतिहासकार अंचित गुप्ता प्रस्तुत करेंगे। एयर वाइस मार्शल एम. एम. श्रीनागेश स्मृति व्याख्यान एयर वाइस मार्शल दीपक गौर (सेवानिवृत्त) द्वारा दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, जेमी हॉरमूजजी फ्रैमजी मानेकशॉ पैनल भी महत्वपूर्ण चर्चा करेगा। इसमें अवैस अहमद, सीईओ एवं संस्थापक, पिक्सेल एयरोस्पेस टेक्नोलॉजीज, कैप्टन ध्रुव रेब्बाप्रगड़ा, चीफ फ्लाइट सेफ्टी ऑफिसर, इंडिगो एयरलाइंस द्वारा विशेष व्याख्यान शामिल होंगे। 1952 में स्थापित भारतीय विमानन चिकित्सा सोसायती देश में एयरोस्पेस मेडिसिन के ज्ञान और उसके व्यावहारिक उपयोग को समर्पित एकमात्र पंजीकृत संस्था है।

यह सैन्य एवं नागरिक विमानन चिकित्सा के साथ-साथ भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के मानव-तत्व संबंधी पहलुओं पर भी कार्य करती है। 1954 से यह संस्थान लगातार अपना वार्षिक वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित कर रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 300 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, जिनमें डीआरडीओ, इसरो और अन्य संस्थानों के वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के बीच सहयोग और संवाद को भी मजबूत करेगा। यह एक ऐसा मंच है जहां न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि भविष्य की अनुसंधान नीतियों को भी आकार दिया जाएगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्मेलन की तारीखें क्या हैं?
सम्मेलन 20-21 नवंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा।
इस सम्मेलन में कौन-कौन शामिल होगा?
इस सम्मेलन में 300 से अधिक वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और डेलीगेट शामिल होंगे।
सम्मेलन का उद्घाटन कौन करेगा?
सम्मेलन का उद्घाटन एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह द्वारा किया जाएगा।
इस सम्मेलन का मुख्य विषय क्या है?
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय "एयरोस्पेस मेडिसिन में नवाचार: अनंत संभावनाएँ" है।
सम्मेलन में किस प्रकार के रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए जाएंगे?
सम्मेलन में एयरोस्पेस मेडिसिन से जुड़े नवीनतम अनुसंधान और तकनीकी प्रगति पर 100 से अधिक वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले