क्या आगरा-मुंबई एनएच का हिस्सा छह माह में ही क्षतिग्रस्त हो गया?

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क्या आगरा-मुंबई एनएच का हिस्सा छह माह में ही क्षतिग्रस्त हो गया?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा सिर्फ छह माह में ही क्षतिग्रस्त हो गया है? कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है और केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा है। यह मामला भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री का प्रतीक बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

आगरा-मुंबई एनएच का निर्माण घटिया सामग्री से हुआ है।
सड़क के हिस्से का निर्माण 109 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था।
दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
प्रतिदिन 25 से 30 हजार वाहन इस खंड पर चलते हैं।
भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

भोपाल, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश से होकर गुजरने वाले आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) के क्षतिग्रस्त हिस्से पर ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि मार्ग के एक हिस्से का निर्माण छह माह पहले 109 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था, लेकिन यह हिस्सा पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटिया सामग्री और लापरवाही के कारण यह राजमार्ग जल्दी खराब हुआ, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी को लिखे गए पत्र में पटवारी ने कहा है कि मध्य प्रदेश में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) के इंदौर-खलघाट खंड पर स्थित गणेश घाट के रीअलाइनमेंट हिस्से की अत्यंत चिंताजनक और जर्जर स्थिति है। इस खंड का निर्माण कार्य नवंबर 2024 में 109 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ था। इसकी लंबाई 8.8 किमी तथा चौड़ाई 10.3 मीटर है और अब महज 6 इंच बारिश में ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस पर सैकड़ों गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें से कई इतने बड़े हैं कि पूरी कार समा सकती है।

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि गणेश घाट के इस जर्जर खंड पर चलने वाले बस और ट्रक चालकों ने बताया है कि गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का गंभीर अंदेशा बना रहता है। कुछ स्थानों पर तो पैचवर्क की सामग्री भी पूरी तरह बिखर गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा और बढ़ गया है। उन्होंने बताया है कि इस नए अलाइनमेंट पर प्रतिदिन 25 से 30 हजार वाहनों का एकतरफा ट्रैफिक रहता है, और इन गड्ढों के कारण वाहनों को इस 8.8 किमी के खंड को पार करने में 30 से 45 मिनट का अतिरिक्त समय लग रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि निर्माण कंपनी को 5 साल तक इसका रखरखाव करना है, लेकिन रखरखाव के तहत किए गए पैचवर्क की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। यह स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला प्रतीत होता है, जहां जनता के करोड़ों रुपये खराब गुणवत्ता वाले निर्माण पर व्यय कर दिए गए हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की मांग है कि नेशनल हाईवे के इस हिस्से में हुए भ्रष्टाचार की तत्काल उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाएं और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता नियंत्रण के मानकों को और कड़ा किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे देश की सड़क अवसंरचना की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा करता है। यह न केवल एक भ्रष्टाचार का मामला है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी दर्शाता है कि हमारे राजमार्गों का निर्माण और रखरखाव उच्च मानकों पर हो।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगरा-मुंबई एनएच का कौन सा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है?
आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) का इंदौर-खलघाट खंड क्षतिग्रस्त हुआ है।
इस हिस्से का निर्माण कब हुआ था?
इस हिस्से का निर्माण नवंबर 2024 में 109 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था।
क्या कारण है इस हिस्से के जल्दी क्षतिग्रस्त होने का?
घटिया सामग्री और लापरवाही के कारण यह हिस्सा जल्दी क्षतिग्रस्त हुआ है।
इस खंड पर कितने वाहन प्रतिदिन चलते हैं?
इस नए अलाइनमेंट पर प्रतिदिन 25 से 30 हजार वाहनों का एकतरफा ट्रैफिक रहता है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने क्या मांग की है?
उन्होंने इस भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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