क्या 'बॉर्डर' देखकर भारतीय सेना का हिस्सा बनना चाहते थे अहान शेट्टी? सुनील शेट्टी ने बताया क्यों हुए इमोशनल
सारांश
Key Takeaways
- अहान शेट्टी का भारतीय सेना में जाने का सपना 'बॉर्डर' फिल्म से प्रेरित है।
- फिल्म 'बॉर्डर-2' का प्रमोशन भावुकता के साथ हो रहा है।
- सुनील शेट्टी का इमोशनल पल दर्शकों के लिए एक नया अनुभव था।
मुंबई, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, और अहान शेट्टी की फिल्म 'बॉर्डर-2' 23 जनवरी को रिलीज होने के लिए तैयार है।
12 जनवरी को फिल्म का गाना 'जाते हुए लम्हें' जारी किया गया, जहां सुनील शेट्टी को मंच पर भावुक होते देखा गया। अहान शेट्टी ने अपने पिता के इस इमोशनल पल और फिल्म 'बॉर्डर-2' के साथ अपने बचपन के संबंध पर राष्ट्र प्रेस से खुलकर चर्चा की।
अहान शेट्टी ने कहा कि पिता के साथ स्टेज पर रहना मेरे लिए गर्व और भावुकता का अनुभव था। पापा 'बॉर्डर' में थे, इसलिए हमारे इमोशंस इस फिल्म से जुड़े हैं। बहुत से लोगों को नहीं पता कि पापा असल में बहुत इमोशनल हैं, इसलिए उनका स्टेज पर रोते हुए देखना कुछ लोगों के लिए अजीब हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जब 'बॉर्डर' बनी थी, तब मैं केवल 2 साल का था, और जब मैंने इसे देखा, तब 4 साल का था। उसी समय मैंने तय किया कि मुझे भारतीय सेना में जाना है। अभिनेता बनने का मेरा सपना हमेशा से यही था।
अहान ने कहा कि 'बॉर्डर' और 'बॉर्डर-2' की तुलना पर उन्होंने महसूस किया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान बहुत दबाव था। लेकिन उन्होंने सोचा कि अगर 'बॉर्डर' के दबाव में रहेंगे तो 'बॉर्डर-2' पर ध्यान नहीं दे पाएंगे, जिससे फिल्म पर नकारात्मक असर पड़ेगा। शूटिंग के दौरान उन्हें भारतीय सैनिकों के साथ समय बिताने का मौका मिला और वे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से देख सके।
याद रहे कि 2 जनवरी को 'जाते हुए लम्हें' के रिलीज के दौरान सुनील शेट्टी की आंखों में आंसू थे। उन्हें इस बात की खुशी थी कि 'बॉर्डर' में उन्हें काम मिला और अब 'बॉर्डर-2' से उनके बेटे अहान को यह अवसर मिला। उन्होंने स्टेज पर अहान के कठिन समय का भी जिक्र किया और कहा कि लोगों को लगता है कि सुनील शेट्टी का बेटा होने के कारण उन्हें आसानी से काम मिल जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है।