ऐश्वर्या सखुजा का 10 साल का टाइप-1 डायबिटीज सफर: 'यह मेरी पहचान नहीं, जिंदगी का हिस्सा है'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेत्री ऐश्वर्या सखुजा ने 18 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक पोस्ट के ज़रिए खुलासा किया कि वह पिछले 10 वर्षों से टाइप-1 डायबिटीज के साथ जीवन बिता रही हैं। 'सास बिना ससुराल', 'मैं ना भूलूंगी', 'त्रिदेवियां' और 'रिश्ता डॉट कॉम' जैसे लोकप्रिय टीवी शो में अपनी पहचान बनाने वाली ऐश्वर्या ने बताया कि शुरुआत में उनकी बीमारी का गलत निदान किया गया था, और जब सही बीमारी का पता चला, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदलने वाली है।
गलत निदान से शुरू हुआ सफर
ऐश्वर्या ने अपनी पोस्ट में लिखा, '10 साल पहले मेरी बीमारी का गलत पता लगाया गया था।' उन्होंने स्वीकार किया कि जब तक उन्हें समझ आया कि उनके शरीर के साथ वास्तव में क्या हो रहा है, तब तक उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि हर दिन इस बीमारी के साथ तालमेल बिठाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब टाइप-1 डायबिटीज को लेकर जागरूकता अभी भी भारत में सीमित है, और गलत निदान की घटनाएँ असामान्य नहीं हैं।
इंसुलिन, उतार-चढ़ाव और आत्म-देखभाल
अभिनेत्री ने लिखा कि पिछले 10 साल उनके लिए इंसुलिन लेने, अपने शरीर को समझने और जीवनशैली में निरंतर बदलाव करने का सफर रहा है। उनके शब्दों में, 'इन 10 सालों में मैंने अपना ख्याल रखने की कोशिश की है — उन दिनों में भी जब खुद की देखभाल करना किसी फुल-टाइम जॉब जैसा लगता है।' उन्होंने नियमित व्यायाम और खान-पान पर ध्यान देने की भी बात कही।
परफेक्शन नहीं, निरंतर कोशिश है असली लक्ष्य
ऐश्वर्या ने एक महत्त्वपूर्ण बात साझा की — कि अपना ख्याल रखने का अर्थ परफेक्ट होना नहीं है, बल्कि बार-बार कोशिश करते रहना है। उन्होंने लिखा, 'मुझे अपनी बॉडी के प्रति थोड़ा और नरम होना भी सीखना पड़ा — उस बॉडी के प्रति, जिसे इंसुलिन की जरूरत होती है।' गौरतलब है कि टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून स्थिति है जिसमें शरीर इंसुलिन का उत्पादन करना बंद कर देता है, और यह टाइप-2 से मौलिक रूप से भिन्न है।
डायबिटीज मेरी पूरी पहचान नहीं
ऐश्वर्या ने अपनी पोस्ट में साफ़ कहा, 'मैं डायबिटीज को खूबसूरत बनाकर पेश नहीं करूंगी। यह थका देने वाली, कई बार नाइंसाफी जैसी लगने वाली और बहुत मेहनत मांगने वाली बीमारी हो सकती है। लेकिन यह मेरी जिंदगी का एक हिस्सा है, मेरी पूरी पहचान नहीं।' यह कथन उन लाखों लोगों के लिए प्रासंगिक है जो दीर्घकालिक बीमारियों के साथ जीते हुए अपनी मानसिक पहचान बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं।
टाइप-1 डायबिटीज समुदाय को संदेश
अपनी पोस्ट के अंत में अभिनेत्री ने टाइप-1 डायबिटीज के साथ जी रहे अन्य लोगों को हिम्मत देते हुए लिखा कि ब्लड ग्लूकोज मॉनिटर पर दिखने वाले नंबरों से कहीं ज़्यादा चीज़ें इस बीमारी से जुड़ी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में वह खुद के प्रति और अधिक धैर्य और नरमी रख पाएँगी। ऐश्वर्या का यह खुलापन न केवल उनके प्रशंसकों के लिए, बल्कि डायबिटीज से जूझ रहे पूरे समुदाय के लिए एक सशक्त संदेश है।