क्या सूर्या हांसदा प्रकरण में आजसू ने एनएचआरसी को शिकायत की?

सारांश
Key Takeaways
- सूर्या हांसदा का एनकाउंटर पुलिस के लिए एक साधन बन चुका है।
- आजसू पार्टी सीआईडी और सीबीआई जांच की मांग कर रही है।
- पुलिस की कहानी संदिग्ध लगती है।
- आजसू पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ी है।
- मानवाधिकार आयोग को शिकायत दर्ज की गई है।
हजारीबाग, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के महासचिव संजय मेहता ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर झारखंड सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राज्य में बढ़ती अपराध दर और विशेषकर सूर्या हांसदा प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
मेहता ने कहा कि सूर्या हांसदा का एनकाउंटर अब पुलिस का एक साधन बन चुका है, जिसका उपयोग कुछ प्रभावशाली लोग अपने वर्चस्व को बनाए रखने के लिए कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आजसू पार्टी सीआईडी जांच की मांग कर रही है, परंतु उन्हें इस पर भरोसा नहीं है क्योंकि यह भी झारखंड पुलिस का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आने के बाद आजसू पार्टी सड़क से लेकर अदालत तक इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।
संजय मेहता ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "हमने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने केस स्वीकार कर लिया है और हम तथ्यों को इकट्ठा कर रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम सड़कों पर भी उतरेंगे। फिलहाल हम सीआईडी जांच और मानवाधिकार आयोग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन हमने इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की है, क्योंकि राज्य में इस एनकाउंटर को लेकर कई सवाल उठे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "यह एनकाउंटर नहीं बल्कि एक पुलिसी हत्या है, ऐसा भी आरोप लगाया जा रहा है। परिवार वालों के जो दावे हैं, उन्हें भी सच्चाई के साथ जांच के जरिए सामने लाना आवश्यक है। पुलिस ने जो बताया कि सूर्या ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, तो जवाबी कार्रवाई में गोली चली, वह संदिग्ध है। अगर कोई भाग रहा होता, तो गोली पीछे से लगती, लेकिन पुलिस की कहानी झूठी और फर्जी लगती है।"
उन्होंने कहा, "पुलिस ने दावा किया कि सूर्या हांसदा के शरीर पर कई दाग हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये दाग कैसे लगे। हम चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए।"
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आजसू पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे।