क्या अखिलेश यादव का आजम खान से मिलना स्वागतयोग्य कदम है? : अजय राय
सारांश
Key Takeaways
लखनऊ/नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बीच हुई मुलाकात पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है।
अजय राय ने कहा कि आजम खान समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के करीबी सहयोगी रहे हैं। दोनों के बीच एक बड़े भाई-छोटे भाई जैसा रिश्ता रहा है। अखिलेश का आजम खान से मिलना एक सकारात्मक कदम है। आजम खान का अनुभव और मार्गदर्शन समाजवादी पार्टी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन दोनों नेताओं की मुलाकात विपक्षी एकता को मजबूत करने की दिशा में एक उद्घाटनात्मक कदम है।
इस बीच, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों की स्थिति पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा की स्थिति बहुत कमजोर है और उनके सहयोगी दल असहज महसूस कर रहे हैं। भाजपा के सहयोगियों को मनाने की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन अपनी तैयारियों को पूरा कर चुका है और मजबूती से चुनावी मैदान में है।
उन्होंने कहा, "बिहार में 'वोट चोरी' का मुद्दा अब घर-घर तक पहुँच चुका है। हमारी रणनीति स्पष्ट है और हम आत्मविश्वास के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं।"
अजय राय ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांशीराम एक महान नेता थे, जिन्होंने दलितों और वंचितों के उत्थान के लिए जीवन समर्पित कर बसपा की स्थापना की। लेकिन मायावती ने उनकी मेहनत को बेच दिया और अब वह भाजपा के समर्थन में हैं। मायावती की नीतियां दलित हितों के खिलाफ हैं और उनकी इस रणनीति से बसपा का मूल आधार कमजोर हुआ है।
वहीं, बिहार चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि इंडिया गठबंधन की समन्वय समिति लगातार बैठकें कर रही है और जल्द ही सीटों के आवंटन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। हमें विश्वास है कि गठबंधन बिहार में बड़ी जीत हासिल करेगा। हमें कहीं कोई चिंता नहीं है। हमारी रणनीति और नेतृत्व मजबूत है।