8 नवंबर 2026
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अलीगढ़: पुलिस स्टिकर लगी कार का मीनाक्षी फ्लाईओवर पर तांडव, गर्भवती महिला समेत 3-4 लोग घायल

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अलीगढ़: पुलिस स्टिकर लगी कार का मीनाक्षी फ्लाईओवर पर तांडव, गर्भवती महिला समेत 3-4 लोग घायल

सारांश

अलीगढ़ के मीनाक्षी फ्लाईओवर पर पुलिस स्टिकर लगी एक तेज़ रफ़्तार कार ने कई वाहनों को रौंदा — एक गर्भवती महिला फ्लाईओवर से नीचे गिरी, कार में शराब की बोतलें मिलीं, चालक फरार। पुलिस चौकी के सामने हादसे के बावजूद मदद पहुँचने में 45 मिनट लगे।

मुख्य बातें

8 नवंबर 2026 को अलीगढ़ के मीनाक्षी फ्लाईओवर पर पुलिस स्टिकर लगी सफेद कार ने कई वाहनों को टक्कर मारी।
एक गर्भवती महिला फ्लाईओवर से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हुई; जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी।
कुल 3-4 लोग घायल; एक अन्य व्यक्ति की उँगली कटी, महिला की बेटी भी चोटिल।
कार में शराब और बीयर की बोतलें , पुलिस की कैप और पुलिस स्टिकर मिले।
चालक और साथी मौके से फरार ; एसपी सिटी आदित्य बंसल ने मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार पुलिस चौकी के सामने हादसे के बावजूद पुलिस को पहुँचने में 30-45 मिनट लगे।

अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मीनाक्षी फ्लाईओवर पर 8 नवंबर 2026 को सफेद रंग की एक तेज़ रफ़्तार कार ने कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिसमें एक गर्भवती महिला फ्लाईओवर से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। कार के शीशे पर पुलिस का स्टिकर लगा था और डैशबोर्ड पर पुलिस की कैप रखी थी। हादसे के बाद चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गए।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गर्भवती महिला अपने पति के साथ स्कूटी पर सवार होकर जा रही थी। इसी दौरान तेज़ रफ़्तार सफेद कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मारी, जिससे महिला उछलकर फ्लाईओवर के नीचे जा गिरी। गंभीर रूप से घायल महिला को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।

इसके अलावा, उसी कार ने एक अन्य दोपहिया वाहन को भी टक्कर मारी जिसमें वाहन चला रहे व्यक्ति की उँगली कट गई। कुल मिलाकर तीन से चार लोग इस हादसे में घायल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी कहना है कि घायल महिला की बेटी भी इस हादसे में चोटिल हुई है।

कार में मिले संदिग्ध सामान

हादसे की जाँच में सामने आया कि कार के शीशे पर पुलिस का स्टिकर चिपका हुआ था और डैशबोर्ड पर पुलिस की कैप रखी थी। इसके अलावा, कार के भीतर शराब और बीयर की बोतलें भी बरामद हुई हैं। यह संदेह और गहरा हो जाता है कि चालक ने पुलिस की पहचान का दुरुपयोग किया।

प्रत्यक्षदर्शी की पुलिस पर गंभीर आरोप

चश्मदीद गवाह ज्योति ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनके अनुसार वह अपने बेटे के साथ वहाँ से गुज़र रही थीं, तभी उन्होंने एक घायल महिला को सड़क पर पड़ा देखा। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को फ़ोन किया, परन्तु समय पर न पहुँचने के कारण घायल महिला को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुँचाना पड़ा।

ज्योति का आरोप है कि पुलिस चौकी के ठीक सामने यह हादसा होने के बावजूद पुलिस को घटनास्थल पर पहुँचने में 30 से 45 मिनट का समय लगा। गौरतलब है कि यह लापरवाही उस समय सामने आई जब एक गर्भवती महिला की जान ख़तरे में थी।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार मालिक, चालक और उसमें सवार अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

आगे क्या होगा

फरार चालक और उसके साथियों की तलाश जारी है। पुलिस स्टिकर और कैप के दुरुपयोग को लेकर अतिरिक्त जाँच की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में घायलों का उपचार जारी है और उनकी हालत पर नज़र रखी जा रही है। यह मामला पुलिस पहचान चिह्नों के दुरुपयोग और आपातकालीन प्रतिक्रिया में देरी के व्यापक सवाल उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पुलिस पहचान चिह्नों के संभावित दुरुपयोग और आपातकालीन प्रतिक्रिया की विफलता का मेल है। पुलिस चौकी के ठीक सामने घटना के बावजूद 30-45 मिनट की देरी और एंबुलेंस की अनुपस्थिति यह सवाल उठाती है कि आपातकालीन तंत्र ज़मीन पर कितना कारगर है। कार में मिली शराब की बोतलें और पुलिस की कैप यह संकेत देती हैं कि जाँच का दायरा केवल ट्रैफिक नियमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलीगढ़ मीनाक्षी फ्लाईओवर हादसे में क्या हुआ?
8 नवंबर 2026 को अलीगढ़ के मीनाक्षी फ्लाईओवर पर पुलिस स्टिकर लगी एक तेज़ रफ़्तार सफेद कार ने कई वाहनों को टक्कर मारी। एक गर्भवती महिला फ्लाईओवर से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई और कुल 3-4 लोग इस हादसे में चोटिल हुए।
घायल गर्भवती महिला का उपचार कहाँ हो रहा है?
घायल गर्भवती महिला को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। एंबुलेंस समय पर न पहुँचने के कारण उसे ई-रिक्शा से अस्पताल पहुँचाना पड़ा।
कार में पुलिस स्टिकर और कैप क्यों थी?
कार के शीशे पर पुलिस का स्टिकर लगा था और डैशबोर्ड पर पुलिस की कैप रखी थी। इसके अलावा कार में शराब और बीयर की बोतलें भी मिलीं। पुलिस अब कार मालिक और चालक की पहचान कर इस पहलू की जाँच कर रही है।
हादसे के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि पुलिस ने वाहन की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया है। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
चश्मदीद गवाह ज्योति का आरोप है कि पुलिस चौकी के ठीक सामने हादसा होने के बावजूद पुलिस को मौके पर पहुँचने में 30 से 45 मिनट का समय लगा। एंबुलेंस भी समय पर नहीं पहुँची, जिससे घायल महिला को ई-रिक्शा से अस्पताल भेजना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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