अलीगढ़: पुलिस स्टिकर लगी कार का मीनाक्षी फ्लाईओवर पर तांडव, गर्भवती महिला समेत 3-4 लोग घायल
सारांश
मुख्य बातें
अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मीनाक्षी फ्लाईओवर पर 8 नवंबर 2026 को सफेद रंग की एक तेज़ रफ़्तार कार ने कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिसमें एक गर्भवती महिला फ्लाईओवर से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। कार के शीशे पर पुलिस का स्टिकर लगा था और डैशबोर्ड पर पुलिस की कैप रखी थी। हादसे के बाद चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गए।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गर्भवती महिला अपने पति के साथ स्कूटी पर सवार होकर जा रही थी। इसी दौरान तेज़ रफ़्तार सफेद कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मारी, जिससे महिला उछलकर फ्लाईओवर के नीचे जा गिरी। गंभीर रूप से घायल महिला को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
इसके अलावा, उसी कार ने एक अन्य दोपहिया वाहन को भी टक्कर मारी जिसमें वाहन चला रहे व्यक्ति की उँगली कट गई। कुल मिलाकर तीन से चार लोग इस हादसे में घायल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी कहना है कि घायल महिला की बेटी भी इस हादसे में चोटिल हुई है।
कार में मिले संदिग्ध सामान
हादसे की जाँच में सामने आया कि कार के शीशे पर पुलिस का स्टिकर चिपका हुआ था और डैशबोर्ड पर पुलिस की कैप रखी थी। इसके अलावा, कार के भीतर शराब और बीयर की बोतलें भी बरामद हुई हैं। यह संदेह और गहरा हो जाता है कि चालक ने पुलिस की पहचान का दुरुपयोग किया।
प्रत्यक्षदर्शी की पुलिस पर गंभीर आरोप
चश्मदीद गवाह ज्योति ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनके अनुसार वह अपने बेटे के साथ वहाँ से गुज़र रही थीं, तभी उन्होंने एक घायल महिला को सड़क पर पड़ा देखा। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को फ़ोन किया, परन्तु समय पर न पहुँचने के कारण घायल महिला को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुँचाना पड़ा।
ज्योति का आरोप है कि पुलिस चौकी के ठीक सामने यह हादसा होने के बावजूद पुलिस को घटनास्थल पर पहुँचने में 30 से 45 मिनट का समय लगा। गौरतलब है कि यह लापरवाही उस समय सामने आई जब एक गर्भवती महिला की जान ख़तरे में थी।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार मालिक, चालक और उसमें सवार अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
आगे क्या होगा
फरार चालक और उसके साथियों की तलाश जारी है। पुलिस स्टिकर और कैप के दुरुपयोग को लेकर अतिरिक्त जाँच की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में घायलों का उपचार जारी है और उनकी हालत पर नज़र रखी जा रही है। यह मामला पुलिस पहचान चिह्नों के दुरुपयोग और आपातकालीन प्रतिक्रिया में देरी के व्यापक सवाल उठाता है।