मुंबई कोस्टल रोड हादसा: तेज रफ्तार कार फ्लाईओवर से गिरी, 3 युवकों की मौत, 1 गंभीर
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के कोस्टल रोड पर 21 सितंबर 2026 की सुबह एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर फ्लाईओवर से नीचे जा गिरी, जिसमें कार सवार चार युवकों में से तीन की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल है। पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर ड्राइवर लापरवाही और अत्यधिक गति से वाहन चला रहा था, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
हादसे का घटनाक्रम
यह दुर्घटना रविवार सुबह करीब 5 बजे से 5:20 बजे के बीच हुई, जब एक कार मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर उत्तर दिशा में जा रही थी। लोटस जेटी के निकट पहुँचते ही कार की रफ्तार बेकाबू हो गई और उसने फ्लाईओवर पर लगे बैरियर को तोड़ दिया।
एफआईआर के अनुसार, कार बैरियर तोड़कर फ्लाईओवर से नीचे निर्माणाधीन इलाके में जा गिरी। हादसे की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि कार ने पुल पर लगे साइनबोर्ड को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
पीड़ितों की पहचान
कार में सवार चार युवकों की पहचान शनाय गुज्जर (21 वर्ष), धैर्य दर्शन सेठ (17 वर्ष), आदित्य जकसनिया (करीब 18-19 वर्ष) और आदित्य कल्पेश्वर ओसवाल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद गुज्जर ड्राइवर की सीट पर मिले।
एफआईआर में आरोप है कि गुज्जर गाड़ी को लापरवाही और अत्यधिक गति से चला रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी स्वयं की और सेठ तथा जकसनिया की मौके पर मौत हो गई। चौथे यात्री ओसवाल को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तत्काल नायर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है।
पुलिस जाँच और साक्ष्य
इस मामले में तारदेव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। जाँच के दौरान पुलिस ने दुर्घटना स्थल से चार मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें तीन आईफोन और एक वन प्लस मॉडल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक 'कोच न्यूयॉर्क' वॉलेट भी बरामद किया गया, जिसमें ₹100 का नोट और जकसनिया का आधार कार्ड मिला।
पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विस्तृत जाँच जारी है।
आम जनता और यातायात पर असर
गौरतलब है कि मुंबई का कोस्टल रोड एक बहुचर्चित अवसंरचना परियोजना है, जो शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है। इस हादसे ने तेज रफ्तार वाहन चालन और रात के समय सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब महानगरों में लापरवाह ड्राइविंग से जुड़ी दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। आगे की जाँच में सीसीटीवी फुटेज और बरामद मोबाइल फोन महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं।