अमरनाथ यात्रा 2026: आईजीपी भीम सेन टूटी ने कठुआ-सांबा में सुरक्षा ग्रिड का निरीक्षण किया
सारांश
मुख्य बातें
अमरनाथ यात्रा 2026 को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) भीम सेन टूटी (आईपीएस) ने 12 जुलाई को कठुआ और सांबा जिलों में सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। उनके साथ आईजी सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर अमोल वी. होमकर (आईपीएस) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। श्री अमरनाथ यात्रा (एसएएनजेवाई)-2026 के मद्देनजर जम्मू पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सुरक्षा तैयारियाँ और तेज कर दी हैं।
लखनपुर में निरीक्षण और उच्चस्तरीय बैठक
आईजीपी टूटी ने सबसे पहले लखनपुर रिसेप्शन सेंटर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने तैनात सुरक्षाबलों की स्थिति, यात्रियों की जाँच प्रक्रिया, तलाशी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजामों का मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में कठुआ के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सीआरपीएफ की 121वीं बटालियन और बीएसएफ की 159वीं बटालियन के कमांडिंग अधिकारी, एडीसी कठुआ, एसपी ऑपरेशन, अतिरिक्त एसपी और एसएएनजेवाई ड्यूटी में तैनात विभिन्न जोनल अधिकारी व सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और संभावित खतरों से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। आईजीपी टूटी ने अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी बनाए रखने, पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने और श्रद्धालुओं को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सांबा में संयुक्त सुरक्षा समीक्षा
सांबा जिला पुलिस कार्यालय में भी एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता आईजीपी भीम सेन टूटी और आईजी सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर अमोल वी. होमकर ने की। इस बैठक में डीआईजी जेएसके रेंज श्रीधर पाटिल, डीआईजी सीआरपीएफ अवधेश पाठक और सांबा के एसएसपी अनुज कुमार सहित सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
सांबा बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा, सीमा क्षेत्र निगरानी, प्रवेश बिंदुओं की सुरक्षा, लंगर स्थलों, ठहरने के स्थानों, क्विक रिस्पॉन्स टीमों (क्यूआरटी), निगरानी प्रणाली और यात्रा काफिले की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। गौरतलब है कि सांबा और कठुआ दोनों जिले जम्मू से कश्मीर जाने वाले यात्रा मार्ग के अहम पड़ाव हैं और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र भी हैं।
सुरक्षा ग्रिड और बहु-एजेंसी समन्वय
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर से लाखों श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर निकलते हैं और सुरक्षा एजेंसियों पर बहुस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है। जम्मू पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और एसएसबी के बीच बेहतर तालमेल के निर्देश इस बात का संकेत हैं कि प्रशासन किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता। आने वाले दिनों में सुरक्षा समीक्षाओं और यात्रा मार्ग पर तैनाती के और दौर अपेक्षित हैं।