क्या अमेरिका ने रूसी झंडे वाले तेल जहाज को जब्त किया, जिसमें 3 भारतीय क्रू मेंबर भी शामिल हैं?

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क्या अमेरिका ने रूसी झंडे वाले तेल जहाज को जब्त किया, जिसमें 3 भारतीय क्रू मेंबर भी शामिल हैं?

सारांश

अमेरिकी सेना ने नॉर्थ अटलांटिक में एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को पकड़ा है, जिसमें तीन भारतीय नागरिक शामिल हैं। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और वैश्विक ऊर्जा व्यापार पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए इस टैंकर की कहानी और रूस की प्रतिक्रिया के बारे में।

Key Takeaways

  • अमेरिकी सेना द्वारा रूसी झंडे वाले तेल टैंकर की जब्ती
  • 28 क्रू मेंबर में तीन भारतीय नागरिक शामिल
  • अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन का आरोप
  • जांच जारी है, संभावित भू-राजनीतिक प्रभाव
  • रूस की कड़ी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नॉर्थ अटलांटिक में अमेरिकी सेना ने एक रूसी झंडे वाले ऑयल टैंकर को पकड़ लिया, जिसमें 28 क्रू मेंबर शामिल थे, जिनमें से तीन भारतीय नागरिक भी हैं।

यह जहाज, जिसका नाम मरीनेरा है (जिसे पहले बेला 1 कहा जाता था), को एक लंबी समुद्री खोज के बाद पकड़ा गया है। यह खोज कैरेबियन सागर से शुरू होकर उत्तरी अटलांटिक तक फैली थी।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस टैंकर में एक मल्टीनेशनल क्रू था, जिसमें 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी शामिल थे, जिनमें कप्तान भी है। सभी क्रू सदस्य वर्तमान में अमेरिकी हिरासत में हैं, परंतु उनके रिहाई की शर्तों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

यह जब्ती बुधवार को हुई, जिसे अमेरिकी एजेंसियों ने ब्रिटिश सेना के सहयोग से एक समन्वित ऑपरेशन बताया है। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि टैंकर का संबंध वेनेजुएला से है और यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने की कोशिश में शामिल हो सकता है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिकी कोस्ट गार्ड और सैन्य इकाइयों द्वारा मिलकर किया गया था, जिसमें यूनाइटेड किंगडम से सहयोग लिया गया था। बताया गया है कि ऑपरेशन के समर्थन के लिए ब्रिटिश एयरबेस का उपयोग किया गया और रॉयल एयर फोर्स के सर्विलांस विमानों ने टैंकर पर नजर रखी जब वह आइसलैंड और यूनाइटेड किंगडम के बीच पानी से गुजर रहा था।

इस जब्ती पर रूस की कड़ी प्रतिक्रिया आई है, जिसमें मॉस्को ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया। रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश के झंडे के तहत कानूनी रूप से रजिस्टर्ड जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग का अधिकार नहीं है।

रूसी सांसदों ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। स्टेट ड्यूमा रक्षा समिति के उपाध्यक्ष एलेक्सी ज़ुरावलेव ने इस जब्ती को समुद्री डकैती का काम और रूसी संप्रभुता के लिए सीधी चुनौती बताया है।

ज़ुरावलेव ने कहा, "यह समुद्री डकैती का सबसे सामान्य रूप है - एक सशस्त्र अमेरिकी बेड़े द्वारा एक जहाज को जब्त करना।" उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्य रूसी क्षेत्र पर हमले के बराबर हैं, क्योंकि टैंकर रूसी झंडे वाला था।

जैसे-जैसे राजनयिक तनाव बढ़ता जा रहा है, मरीनेरा की जब्ती ने प्रतिबंधों के कार्यान्वयन, समुद्री सुरक्षा, और वैश्विक ऊर्जा व्यापार से जुड़े बढ़ते टकराव को एक बार फिर से उजागर किया है। मामले की जांच जारी है और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के सामने आने के साथ, इस घटना के भू-राजनीतिक प्रभावों पर ध्यान दिया जा रहा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और वैश्विक ऊर्जा व्यापार में बढ़ती राजनीतिक जटिलताएँ हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि ये घटनाएँ केवल समुद्री डकैती नहीं हैं, बल्कि वैश्विक राजनीति के एक हिस्से के रूप में देखी जानी चाहिए।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

इस टैंकर पर कितने क्रू मेंबर थे?
इस टैंकर पर कुल 28 क्रू मेंबर थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक शामिल थे।
अमेरिका ने यह ऑपरेशन क्यों किया?
अमेरिका ने आरोप लगाया है कि यह टैंकर वेनेजुएला से संबंधित था और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करने की कोशिश कर रहा था।
रूस की इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया थी?
रूस ने इस जब्ती की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया है।
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