क्या अमेरिका का प्रभुत्ववाद वास्तव में धमकी देने वाली राजनीति है?
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका का वेनेजुएला पर आक्रमण अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
- 93% नेटिजनों ने अमेरिका की कार्रवाई की निंदा की।
- वेनेजुएला की प्रभुसत्ता को खतरा है।
बीजिंग, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नए वर्ष की शुरुआत में, अमेरिका ने एक संप्रभु संपन्न देश पर बेशर्मी से आक्रमण किया और किसी अन्य देश के राष्ट्रपति को जबरन नियंत्रित किया। अमेरिका ने अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के मानदंडों का उल्लंघन किया। चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) की सहायक संस्था सीजीटीएन ने वैश्विक नेटिजनों के बीच एक सर्वेक्षण आयोजित किया।
इस सर्वेक्षण में शामिल 93 प्रतिशत नेटिजनों ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला की राष्ट्रीय प्रभुसत्ता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। वहीं, 91.7 फीसदी उत्तरदाताओं ने अमेरिका में राज्य आतंकवाद के पुनर्जागरण पर चिंता व्यक्त की।
सर्वेक्षण में शामिल 92.8 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वेनेजुएला में बल का प्रयोग अमेरिकी कार्रवाई है, जो कि वेनेजुएला की प्रभुसत्ता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। 89 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ हमला अनुचित और अवैध है। 86.3 फीसदी उत्तरदाताओं ने अमेरिका से बिना शर्त वेनेजुएला के राष्ट्रपति को जल्दी से मुक्त करने का आग्रह किया।
सर्वेक्षण में शामिल 94.3 प्रतिशत नेटिजनों का मानना है कि अमेरिका का असली उद्देश्य तेल के संसाधनों की लूट है। 86.6 फीसदी उत्तरदाताओं ने लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के अन्य देशों के लिए वेनेजुएला जैसी खतरनाक स्थिति का सामना करने की चिंता व्यक्त की।
यह बताया गया है कि यह सर्वेक्षण सीजीटीएन के अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी और रूसी प्लेटफार्मों पर आयोजित किया गया। 24 घंटों में 44,603 नेटिजनों ने इसमें भाग लिया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)