क्या अमेठी को मिली बड़ी सौगात? सीएम योगी आदित्यनाथ और सीजेआई सूर्यकांत ने किया दीवानी न्यायालय का शिलान्यास
सारांश
Key Takeaways
- अमेठी में दीवानी न्यायालय का शिलान्यास हुआ।
- निर्माण लागत लगभग 220 करोड़ रुपए है।
- यह न्यायालय 60 एकड़ भूमि पर बनेगा।
- निर्माण कार्य 18 महीने में पूरा होगा।
- अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
अमेठी, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेठी को जिला बने लगभग 15 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, लेकिन इस लंबे इंतजार के बाद अब यहाँ दीवानी न्यायालय का निर्माण शुरू किया गया है। शनिवार का दिन अमेठी के लिए एक ऐतिहासिक पल बन गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सीजेआई सूर्यकांत ने चंदौली से वर्चुअल माध्यम से इस न्यायालय का शिलान्यास किया।
अब तक अमेठी में दीवानी न्यायालय का न होना यहाँ के निवासियों के लिए परेशानी का कारण था, क्योंकि उन्हें अपने मुकदमे के लिए या तो सुल्तानपुर या रायबरेली जाना पड़ता था। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की बर्बादी होती थी। कई बार तारीखों में बदलाव से आम आदमी को कष्ट होता था, लेकिन अब दीवानी न्यायालय की स्थापना से लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें अपने जिले में ही न्याय मिल सकेगा।
गौरीगंज तहसील के एनआईसी में शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला जज राम मिलन सिंह, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सीजेआई सूर्यकांत ने अमेठी के साथ-साथ प्रदेश के अन्य पांच जिलों चंदौली, महोबा, शामली, हाथरस और औरैया में भी दीवानी न्यायालयों के निर्माण का शिलान्यास किया।
अमेठी का दीवानी न्यायालय कलेक्ट्रेट परिसर के पास जामो रोड स्थित विशुनदासपुर गाँव में बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर लगभग 220 करोड़ रुपए की लागत आएगी। शासन की ओर से पहले चरण में 55 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की गई है। दीवानी न्यायालय लगभग 60 एकड़ भूमि में बनेगा, जिसके लिए पहले से ही बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
यह दीवानी न्यायालय पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। यहाँ अधिवक्ताओं के लिए अलग चैंबर, कैंटीन, पार्किंग, रिकॉर्ड रूम, कोर्ट रूम और अन्य आवश्यक सुविधाएं मौजूद रहेंगी। यह एक इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स होगा, जिससे न्यायिक कार्य और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग अयोध्या को सौंपी गई है।
अमेठी के जिला जज राम मिलन सिंह ने कहा कि यह कोर्ट कॉम्प्लेक्स बहुत ही सुंदर और आधुनिक बनेगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का वर्षों का संघर्ष अब सफल हुआ है। इस कोर्ट के बन जाने से जनता को सस्ता, शीघ्र और सुलभ न्याय मिलेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि तय समय के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट और शासन की ओर से गाइडलाइंस जारी की जा चुकी हैं और 18 महीने में काम पूरा होना है। बजट भी निर्माण एजेंसी को उपलब्ध करा दिया गया है।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने इस अवसर पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह अमेठी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे न सिर्फ वादकारियों और अधिवक्ताओं को सुविधा होगी, बल्कि जनपद मुख्यालय का स्वरूप भी बदलेगा।
डीएम ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स एक नई और बेहतर सोच है। उन्होंने यह भी कहा कि सीजेआई ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की इस पहल की सराहना की और कहा कि अन्य राज्यों को भी इस मॉडल को अपनाना चाहिए। डीएम ने कहा कि अमेठी में आज एक नई और विशिष्ट शुरुआत हुई है, जिससे आने वाले समय में जिले को न्यायिक क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।