25 सितंबर 2026
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अमित शाह बोले — यूपी में तमंचों की फैक्ट्री की जगह बन रही है ब्रह्मोस मिसाइल

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अमित शाह बोले — यूपी में तमंचों की फैक्ट्री की जगह बन रही है ब्रह्मोस मिसाइल

सारांश

अमित शाह ने ग्रेटर नोएडा में UPITS के मंच से यूपी के बदलाव की कहानी सुनाई — जहाँ कभी तमंचे बनते थे, वहाँ अब ब्रह्मोस। रक्षा उत्पादन ₹1 लाख करोड़ पार, 80 देशों को निर्यात और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना — यूपी के 'अपराध से उद्योग' के सफ़र की सबसे तीखी सियासी पेशकश।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में चौथे UPITS का उद्घाटन किया।
शाह ने कहा — यूपी में तमंचों की फैक्ट्री की जगह अब ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है।
भारत का रक्षा उत्पादन ₹1 लाख करोड़ पार; करीब 80 देशों को रक्षा निर्यात।
आगरा, अलीगढ़ समेत यूपी के कई शहरों में डिफेंस कॉरिडोर के ज़रिए निवेश बढ़ रहा है।
शाह ने यूपी की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य का उल्लेख किया।
आलोचकों पर पलटवार करते हुए शाह ने कहा — 'जो इकॉनमी को डेड बोलते हैं, उनकी सोच डेड है।'

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 25 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के उद्घाटन समारोह में कहा कि उत्तर प्रदेश में अब जिन इलाकों में कभी तमंचे बनाए जाते थे, वहाँ आज ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। उनका यह बयान यूपी के बदलते औद्योगिक परिदृश्य को रेखांकित करने के लिए दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

25 सितंबर का दिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती भी था, जिसे शाह ने अपने संबोधन में विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा देश के सामने रखी थी, जिससे प्रेरणा लेकर बाद में अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को नई आर्थिक दिशा मिली। शाह ने यह भी बताया कि दीनदयाल उपाध्याय की स्थापित जनसंघ ही आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनी, जो आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करती है।

यूपी का औद्योगिक रूपांतरण

शाह ने UPITS के चार संस्करणों का क्रमिक विकास गिनाते हुए कहा कि पहले संस्करण में व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश आने की इच्छा जताई, दूसरे-तीसरे में भागीदारी बढ़ी और अब चौथे संस्करण में उद्यमी प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदार बनने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उद्यमियों की यह सहभागिता प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।

शाह के अनुसार, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और माफिया का प्रभुत्व था। उन्होंने कहा, 'तमंचों की फैक्ट्री की जगह ब्रह्मोस बन रही है। जिन स्थानों पर पहले वाहन चोरी की घटनाएँ होती थीं, वहाँ अब वाहन निर्माण हो रहा है और चेन स्नैचिंग जैसे अपराधों के लिए बदनाम इलाकों में मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी औद्योगिक परियोजनाएँ विकसित हो रही हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर और 'मेक इन इंडिया' के तहत निवेश की नई मंज़िलें तय कर रहा है।

रक्षा उत्पादन और डिफेंस कॉरिडोर

शाह ने बताया कि आगरा, अलीगढ़ और अन्य क्षेत्रों में डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में निवेश तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत का रक्षा उत्पादन ₹1 लाख करोड़ के स्तर को पार कर चुका है और देश करीब 80 देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि करीब 12 वर्ष पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 'मेक इन इंडिया' अभियान की शुरुआत की थी, जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर भारत को उत्पादन व नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में काम किया।

आलोचकों पर तीखा पलटवार

शाह ने भारत की आर्थिक प्रगति पर सवाल उठाने वालों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग भारत की इकॉनमी को डेड बोलते हैं, मुझे लगता है उनकी सोच डेड है।' उन्होंने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास दर बनाए रखने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को दिया और कहा कि आज भारत दुनिया की शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

रोज़गार और बुनियादी ढाँचा

शाह ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के युवा रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते थे, लेकिन अब प्रदेश में ही उद्योगों और निवेश के बढ़ने से रोज़गार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेसवे, मेट्रो और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का बुनियादी ढाँचा निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को उद्योगों के लिए नीतियाँ और सुविधाएँ विकसित करने के लिए बधाई दी और उत्तर प्रदेश के उत्पादों की पहचान देश के साथ-साथ विश्व स्तर पर बनाने की उम्मीद जताई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी सच्चाई अधिक जटिल है — ब्रह्मोस की उत्पादन इकाई और पारंपरिक अवैध हथियार-निर्माण की भौगोलिक स्थितियाँ भिन्न हैं। डिफेंस कॉरिडोर में निवेश वास्तविक है, पर रोज़गार-सृजन के स्वतंत्र आँकड़े अभी भी सीमित हैं। 'एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था' का लक्ष्य हर सरकारी मंच पर दोहराया जाता है, लेकिन वर्तमान GDP गति और निवेश-से-रोज़गार के अनुपात पर विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। इस भाषण की असल कसौटी यह है कि UPITS के मंच पर आए निवेशक कितने वादों को धरातल पर उतारते हैं।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने UPITS 2026 में 'तमंचे की जगह ब्रह्मोस' वाला बयान क्यों दिया?
शाह ने यह बयान उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रूपांतरण को रेखांकित करने के लिए दिया। उनका आशय था कि 2017 से पहले जिन इलाकों में अवैध हथियार निर्माण या अपराध होते थे, वहाँ अब ब्रह्मोस मिसाइल जैसी रक्षा परियोजनाएँ और मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 क्या है?
UPITS उत्तर प्रदेश सरकार का वार्षिक व्यापार एवं निवेश आयोजन है। 2026 में ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में इसका चौथा संस्करण 25 सितंबर को शुरू हुआ, जिसमें देश-विदेश के खरीदार और निवेशक शामिल हुए।
भारत का रक्षा उत्पादन और निर्यात अभी किस स्तर पर है?
अमित शाह के अनुसार, भारत का रक्षा उत्पादन ₹1 लाख करोड़ का स्तर पार कर चुका है और भारत करीब 80 देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है। उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर का इसमें महत्वपूर्ण योगदान बताया गया।
यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में कौन-से शहर शामिल हैं?
शाह ने अपने संबोधन में आगरा और अलीगढ़ का विशेष उल्लेख किया। ये शहर उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर के प्रमुख केंद्र हैं, जहाँ रक्षा क्षेत्र में निवेश तेज़ी से बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार का घोषित लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक ले जाना है। शाह ने UPITS के मंच पर उद्यमियों और निवेशकों की भागीदारी को इस लक्ष्य की प्राप्ति में अनिवार्य बताया।
राष्ट्र प्रेस
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