अमृतसर एयरपोर्ट के पास संदिग्ध ड्रोन: 3 उड़ानें डायवर्ट, रनवे ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोका
सारांश
मुख्य बातें
श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, अमृतसर के राजसांसी इलाके के पास 12 अक्टूबर 2026 की देर रात संदिग्ध ड्रोन गतिविधि दर्ज की गई, जिसके चलते तीन अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू उड़ानें अन्य हवाई अड्डों की ओर मोड़नी पड़ीं और रनवे संचालन कुछ समय के लिए बाधित रहा। सुरक्षा समीक्षा और आवश्यक जाँच के बाद हवाई अड्डे का परिचालन सामान्य कर दिया गया है।
कैसे सामने आई संदिग्ध गतिविधि
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने रात करीब 9:30 बजे अत्यधिक ऊँचाई पर दो से तीन अज्ञात उड़ती वस्तुओं को देखा। इन वस्तुओं की हरकत संदिग्ध प्रतीत होते ही जवानों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सतर्क किया। इसके बाद एहतियाती प्रोटोकॉल के तहत हवाई यातायात प्रबंधन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
कौन-सी उड़ानें डायवर्ट हुईं
संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलते ही रात 9:32 बजे तीन उड़ानों का मार्ग बदला गया। दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की उड़ान AI-855 को वापस दिल्ली भेज दिया गया। मुंबई से आ रही इंडिगो की उड़ान 6E-5028 का मार्ग बदलकर उसे चंडीगढ़ भेजा गया, जहाँ वह रात 10:30 बजे उतरी और रात 11:25 बजे अमृतसर के लिए रवाना हुई। कुआलालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान MH-118 को दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, उन वस्तुओं की प्रकृति और उनसे जुड़े हालात की अभी जाँच जारी है। चंडीगढ़ हवाई अड्डे के प्रबंधक ने इंडिगो की उड़ान 6E-5028 के मार्ग परिवर्तन की आधिकारिक पुष्टि की।
यह पहली बार नहीं
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2026 में भी अमृतसर हवाई अड्डे के आसपास ड्रोन गतिविधि की सूचना आई थी और उस दौरान भी कुछ उड़ानें प्रभावित हुई थीं। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब की सीमावर्ती स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट परिसर में ड्रोन-रोधी सुरक्षा उपायों को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही है।
आगे क्या
रविवार की घटना के बाद एक बार फिर एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती हवाई अड्डों पर ड्रोन-रोधी तकनीक की तैनाती को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। फिलहाल जाँच एजेंसियाँ यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही हैं कि ये वस्तुएँ वास्तव में ड्रोन थीं या किसी अन्य प्रकृति की थीं।