अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने तोड़ा हथियार-नशा नेटवर्क, 10 किलो हेरोइन और 2 AK राइफलों के साथ 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब की अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले एक सुसंगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामदगी में 10 किलो हेरोइन, 2 एके राइफल, 4 मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस शामिल हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि ये आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों के नेटवर्क से जुड़े थे।
मुख्य घटनाक्रम
पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने इस ऑपरेशन में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने लिखा, 'एक बड़ी कामयाबी में अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।' तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर के घरिंडा पुलिस स्टेशन में औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
जांच की स्थिति और नेटवर्क की कड़ियाँ
DGP यादव के अनुसार, शुरुआती पड़ताल से यह सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर विदेश में स्थित तस्करों के संपर्क में थे और पंजाब में अवैध हथियार तथा मादक पदार्थ पहुँचाने का काम कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और पूरी सप्लाई चेन को उजागर करने के लिए जांच जारी है। गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को समूल नष्ट करने के संकल्प पर अडिग है।
राजस्थान में भी नशा-रोधी कार्रवाई
इसी दिन राजस्थान के बारां जिला पुलिस ने भी 'ऑपरेशन व्रज प्रहार' के तहत बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने दो कथित नशा कारोबारियों — मुरली मीणा और घांसीलाल मीणा — के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनकी करीब ₹9 करोड़ 94 लाख की चल-अचल संपत्ति जब्त की, जिसमें वाहन और अन्य परिसंपत्तियाँ शामिल हैं। यह ऑपरेशन राजस्थान में नशे के अवैध कारोबार पर व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है।
व्यापक संदर्भ और असर
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमापार से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति — पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा — इसे ड्रोन-आधारित और भूमिगत तस्करी नेटवर्क के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र बनाती है। एके राइफलों जैसे स्वचालित हथियारों की बरामदगी इस मामले को सामान्य नशा-तस्करी से अलग एक गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में स्थापित करती है।
आगे क्या होगा
जांच एजेंसियाँ विदेशी संपर्कों की पहचान और फंडिंग के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। नेटवर्क के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अमृतसर ग्रामीण पुलिस की यह कार्रवाई राज्य सरकार की नशा-मुक्त पंजाब नीति की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।