पेसापालो विश्व कप: नालागढ़ के अंकुश ठाकुर ने सिडनी में किया भारत का प्रतिनिधित्व, जोरदार स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
नालागढ़ के युवा खिलाड़ी अंकुश ठाकुर ने 2 से 5 अक्टूबर 2026 के बीच सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में आयोजित पेसापालो विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और स्वदेश लौटने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। हिमाचल प्रदेश के रामशहर क्षेत्र की पंजलू पंचायत के निवासी अंकुश की इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ा दी है।
विश्व कप में भारत का प्रदर्शन
इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 12 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद चौथा स्थान हासिल किया। हिमाचल प्रदेश से दो खिलाड़ी — अंकुश ठाकुर और प्रकाश ठाकुर — भारतीय दल का हिस्सा रहे। सिरमौर जिले के प्रकाश ठाकुर ने भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी की।
खिलाड़ी की पृष्ठभूमि और संघर्ष
अंकुश ठाकुर वर्तमान में जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर के पद पर कार्यरत हैं। एक सरकारी कर्मचारी के रूप में काम करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचना उनकी लगन और समर्पण को दर्शाता है। विभागीय अधिकारियों और सहयोगियों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए उत्साहवर्धन किया।
विशेषज्ञों और परिजनों की प्रतिक्रिया
पेसापालो एसोसिएशन ऑफ हिमाचल प्रदेश के सचिव डॉ. रमेश राजपूत ने कहा कि हिमाचल के खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि 'खेल युवाओं को नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रखने का एक सशक्त माध्यम है।' जल शक्ति विभाग के नालागढ़ के एक्सईएन नीरज गुप्ता ने भी अंकुश को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंकुश के मामा रमेश कौशल ने कहा, 'अंकुश की मेहनत, लगन और समर्पण ने उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है। खेलों में रुचि रखने वाले युवा अपने सपनों को ऊंचा रखें और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करें। परिवार हमेशा अंकुश के साथ खड़ा है।'
खेल कोटे की माँग
अंकुश ठाकुर ने सरकार से माँग की है कि पेसापालो को भी अन्य खेलों की तरह खेल कोटे में शामिल किया जाए, ताकि खिलाड़ियों को उचित मान्यता और अवसर मिल सकें। उनका मानना है कि इससे प्रदेश के अधिक युवा इस खेल से जुड़ेंगे और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रोशन कर सकेंगे।
पेसापालो: फिनलैंड का राष्ट्रीय खेल
गौरतलब है कि पेसापालो फिनलैंड का राष्ट्रीय खेल है, जो बेसबॉल से मिलता-जुलता एक तेज और अत्यंत रणनीतिक बल्ला-और-गेंद वाला खेल है। हिमाचल प्रदेश में इस खेल की बढ़ती लोकप्रियता और विश्व कप में राज्य के दो खिलाड़ियों की भागीदारी यह संकेत देती है कि पहाड़ी राज्य के युवा अब कम प्रचलित खेलों में भी राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। अंकुश ठाकुर जैसे खिलाड़ियों की कहानी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती जा रही है।