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परिसीमन पर अन्नामलाई: दक्षिणी राज्यों के हितों की रक्षा हो, केंद्र पारदर्शी रहे

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परिसीमन पर अन्नामलाई: दक्षिणी राज्यों के हितों की रक्षा हो, केंद्र पारदर्शी रहे

सारांश

भाजपा के पूर्व नेता अन्नामलाई ने एक ही बयान में कई मोर्चे खोले — परिसीमन में दक्षिण के हितों की रक्षा, TVK गठबंधन में दरारों की पहचान, दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल और भागवत के समावेशी बयान का स्वागत। यह बयान राष्ट्रीय और तमिलनाडु दोनों राजनीति में एक साथ दखल की कोशिश है।

मुख्य बातें

अन्नामलाई ने 20 अक्टूबर 2026 को कोयंबटूर में कहा कि परिसीमन सभी राज्यों के लिए निष्पक्ष होना चाहिए।
परिसीमन विधेयक में 50 प्रतिशत आनुपातिक प्रतिनिधित्व वृद्धि का वादा लागू नहीं दिखा — अन्नामलाई ने केंद्र से इसे पूरा करने की माँग की।
TVK और VCK के नेतृत्व वाले गठबंधन में असंतोष और वामपंथी दलों के अलग चुनाव लड़ने का उल्लेख किया।
दिल्ली पुलिस की CJP प्रदर्शनकारियों से संबंधित कार्यप्रणाली पर चिंता जताई, कानून के समान शासन की माँग की।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के सभी समुदायों को साथ लेकर चलने वाले बयान का स्वागत किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व नेता के. अन्नामलाई ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को कोयंबटूर में मीडिया से बातचीत के दौरान परिसीमन प्रक्रिया पर केंद्र सरकार को स्पष्ट संदेश दिया — यह प्रक्रिया सभी राज्यों के लिए निष्पक्ष होनी चाहिए और बिना पारदर्शिता के इसे जल्दबाजी में आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने दक्षिणी राज्यों की जनसंख्या नियंत्रण में सफलता का हवाला देते हुए कहा कि इन राज्यों के हितों की रक्षा परिसीमन प्रक्रिया में की जानी चाहिए।

परिसीमन पर अन्नामलाई का रुख

अन्नामलाई ने कहा कि परिसीमन देश के लिए ज़रूरी है, लेकिन इसे हर राज्य के साथ न्यायसंगत तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन विधेयक में 50 प्रतिशत आनुपातिक प्रतिनिधित्व वृद्धि का जो वादा किया गया था, उसका कोई स्पष्ट प्रावधान उन्हें विधेयक में नहीं मिला। अन्नामलाई ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस वादे को अमल में लाएगी।

गौरतलब है कि यह मुद्दा ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब दक्षिणी राज्यों — विशेषकर तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश — में इस आशंका को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होने पर उन्हें संसद में अपनी मौजूदा सीटों से हाथ धोना पड़ सकता है। अन्नामलाई ने संसद सत्र केवल पाँच दिन पहले घोषित किए जाने और सभी सांसदों को बुलाए जाने पर उठे सवालों का भी उल्लेख किया।

तमिलनाडु की राजनीति: गठबंधन में दरारें

तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति पर अन्नामलाई ने कहा कि तमिलागा वेत्री कड़गम (TVK) के नेतृत्व वाले गठबंधन में असंतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) भी इस गठबंधन का हिस्सा है और गठबंधन में शामिल वामपंथी दलों के बीच भी तनाव की स्थिति है। हालिया चुनाव में वामपंथी दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने को उन्होंने इसी दरार का संकेत बताया।

अन्नामलाई ने VCK में भी मतभेदों की ओर इशारा करते हुए कहा कि थोल थिरुमावलवन को लेकर पार्टी के भीतर कुछ असहजता दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वाइको ने तमिलनाडु प्रशासन में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है।

सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर चिंता

दिल्ली में सीजेपी (CJP) के प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामले पर अन्नामलाई ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में कानून का शासन सभी के लिए एक समान होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले की सुनवाई कर रहे एक न्यायाधीश ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया है और अदालत में CJP की ओर से पेश वकीलों को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि वे CJP के विरोध-प्रदर्शन के कुछ तरीकों और उसके सदस्यों की कुछ गतिविधियों से असहमत हो सकते हैं, लेकिन जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका वे समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि नियम उल्लंघन के आरोप में की गई गिरफ्तारी और हिरासत में व्यवहार को अलग-अलग मुद्दों के रूप में देखा जाना चाहिए।

आरएसएस प्रमुख के भागवत के बयान का स्वागत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्नामलाई ने कहा कि भागवत के बयानों पर देश की बड़ी संख्या में लोगों की नजर रहती है। उन्होंने भागवत की उस बात का स्वागत किया जिसमें उन्होंने अमेरिका यात्रा के दौरान कहा था कि भारत सभी समुदायों का देश है और कोई भी यह कहे कि मुसलमानों व अन्य धर्मों के लोगों के लिए भारत में जगह नहीं है, तो वह गलत है।

भारत की वैश्विक छवि पर जोर

अन्नामलाई ने कहा कि आज दुनिया में भारत और उसकी सभ्यता के प्रति रुचि बढ़ रही है। उन्होंने देश के नेताओं और नागरिकों से आग्रह किया कि वे उन उच्च मानकों के अनुरूप आचरण करें जिन्हें भारत ने सदा अपने लिए निर्धारित किया है, ताकि विश्व के सामने देश की बेहतर छवि प्रस्तुत हो सके। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और वैश्विक भूमिका को लेकर व्यापक चर्चाएँ जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर दक्षिणी राज्यों की चिंताओं की आवाज़। परिसीमन पर 50 प्रतिशत आनुपातिक वृद्धि के वादे का ज़िक्र यह भी बताता है कि पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर असुविधा है। CJP मामले में दिल्ली पुलिस की आलोचना और TVK गठबंधन की दरारों की चर्चा — दोनों एक साथ करना यह दर्शाता है कि अन्नामलाई पार्टी की मुख्यधारा से अलग, स्वतंत्र स्वर बनाए रखने की कोशिश में हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिसीमन पर के. अन्नामलाई का क्या कहना है?
अन्नामलाई ने कहा कि परिसीमन देश के लिए ज़रूरी है, लेकिन इसे सभी राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से इस प्रक्रिया में जल्दबाजी न करने की अपील की।
50 प्रतिशत आनुपातिक प्रतिनिधित्व वृद्धि का मामला क्या है?
अन्नामलाई ने कहा कि परिसीमन के तहत 50 प्रतिशत आनुपातिक प्रतिनिधित्व वृद्धि की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें परिसीमन विधेयक में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस वादे को लागू करेगी।
अन्नामलाई ने TVK गठबंधन पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि तमिलागा वेत्री कड़गम (TVK) के नेतृत्व वाले गठबंधन में असंतोष दिखाई दे रहा है। VCK में भी थोल थिरुमावलवन को लेकर असहजता है और वामपंथी दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
CJP प्रदर्शनकारियों के मामले में अन्नामलाई ने क्या चिंता जताई?
अन्नामलाई ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए कहा कि कानून का शासन सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे CJP के कुछ तरीकों से असहमत हो सकते हैं, लेकिन उनके सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।
अन्नामलाई ने मोहन भागवत के किस बयान का स्वागत किया?
अन्नामलाई ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत सभी समुदायों का देश है और कोई भी यह कहे कि मुसलमानों या अन्य धर्मों के लोगों के लिए यहाँ जगह नहीं है तो वह पूरी तरह गलत है।
राष्ट्र प्रेस
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