क्या साहस के साथ आगे बढ़ना सफलता या असफलता में महत्वपूर्ण है? अनुपम खेर का नजरिया
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 18 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म निर्देशक और अभिनेता अनुपम खेर भारतीय सिनेमा का एक प्रमुख चेहरा बने हुए हैं। उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया है और उनका मानना है कि जीवन में हार-जीत और सफलता-असफलता का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन जीवन इनसे रुकता नहीं है। इसलिए, सबसे जरूरी है कि हम साहस के साथ आगे बढ़ते रहें। अनुपम खेर ने अपने जीवन के उतार-चढ़ाव पर अपनी प्रेरक सोच साझा की।
अपने इंस्टाग्राम पर तस्वीरों के साथ अनुपम खेर ने कहा कि जब कोई सफल होता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में असफलता नहीं आएगी। जीवन में उतार-चढ़ाव का होना स्वाभाविक है। उन्होंने लिखा, “सफलता अंतिम नहीं है, असफलता घातक नहीं है, महत्वपूर्ण तो आगे बढ़ते रहने का sahas है।”
अनुपम खेर का यह संदेश उनके प्रशंसकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो जीवन में चुनौतियों का सामना करने के लिए उत्साहित करता है।
अनुपम खेर ने अपने चार दशक के करियर में 400 से अधिक फिल्मों में काम किया है। वे 'विजय 69', 'द सिग्नेचर', 'द वैक्सीन वॉर', 'शिव शास्त्री बल्बोआ', 'ऊंचाई', 'तन्वी द ग्रेट', 'इमरजेंसी', 'मेट्रो... इन दिनों' और 'तुमको मेरी कसम' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।
उनकी आगामी फिल्मों में एक अनटाइटल्ड प्रोजेक्ट भी है, जिसमें वे पैन-इंडिया स्टार प्रभास के साथ काम कर रहे हैं, जिसका निर्देशन हनु राघवपुडी कर रहे हैं।
वे जल्द ही डायरेक्ट एक्शन डे पर आधारित फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' में दिखाई देंगे, जिसमें वे महात्मा गांधी की भूमिका निभा रहे हैं।
15 अगस्त को मेकर्स ने अनुपम खेर का फर्स्ट लुक पोस्टर जारी किया था, जिसमें वे बापू के प्रतिष्ठित किरदार में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म 1946 के दंगों और डायरेक्ट एक्शन डे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भारत के विभाजन की त्रासदी को दर्शाती है। ट्रेलर में अनुपम खेर के किरदार की झलक दर्शकों को बहुत पसंद आ रही है। इससे पहले भी कई अभिनेताओं ने सिल्वर स्क्रीन पर महात्मा गांधी की भूमिका को जीवंत किया है।
यह फिल्म 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।