12 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनुराग ठाकुर का राहुल गांधी पर हमला: 'जनादेश बदनाम करने का लाइसेंस नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनुराग ठाकुर का राहुल गांधी पर हमला: 'जनादेश बदनाम करने का लाइसेंस नहीं'

सारांश

BJP मुख्यालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला — चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने को 'बेबुनियाद' बताया और कहा कि विपक्ष को आरोपों के साथ प्रमाण भी देने होंगे। 'लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन जनादेश बदनाम करने का लाइसेंस नहीं।'

मुख्य बातें

अनुराग ठाकुर ने 12 अक्टूबर 2026 को BJP मुख्यालय, नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी पर तीखा हमला किया।
ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को 'न तथ्यों का पता है, न तर्क का और न नियमों की जानकारी।' राहुल गांधी के राष्ट्रपति मुर्मू और मुख्य न्यायाधीश के पास जाने के प्रयासों को ठाकुर ने 'बगलें झाँकना' बताया।
ठाकुर ने कांग्रेस के आपातकाल और बैलेट बूथ कैप्चर के इतिहास का हवाला देते हुए चुनाव धाँधली के आरोपों को खारिज किया।
BJP का तर्क: 'असहमति सबका अधिकार है, लेकिन आरोपों के साथ प्रमाण भी देना होगा।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता अनुराग ठाकुर ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार तो है, लेकिन जनादेश को बदनाम करने का लाइसेंस किसी को नहीं दिया जा सकता।

राहुल गांधी पर सीधा निशाना

अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी नाम के तो नेता प्रतिपक्ष हैं, लेकिन उन्हें 'न तथ्यों का पता है, न तर्क का और न नियमों की जानकारी।' उनके अनुसार, राहुल गांधी केवल यह जानते हैं कि 'अराजकता कैसे फैलानी है, अस्थिरता कैसे लानी है, संवैधानिक संस्थाओं को नीचा कैसे दिखाना है और दुनियाभर में देश की छवि को नुकसान कैसे पहुँचाना है।'

ठाकुर ने आगे कहा कि राहुल गांधी वोट चोरी की बात करते हैं, जबकि वे खुद जनादेश से 'सीना ज़ोरी' कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति को 'हवा-हवाई' करार देते हुए कहा कि उनका पूरा राजनीतिक पैटर्न इसी साँचे में ढला है।

चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर विवाद

ठाकुर ने दावा किया कि राहुल गांधी पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास गए, जहाँ उनसे शिकायत के साथ प्रमाण माँगे गए तो वे 'बगलें झाँकने लगे।' इसके बाद जब वे मुख्य न्यायाधीश के पास पहुँचे, तो उन्हें कथित तौर पर कहा गया कि 'सर्वोच्च अदालत को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जा सकता।' ठाकुर के अनुसार, राहुल गांधी और कांग्रेस का एकमात्र फ़ॉर्मूला है — 'राज नहीं तो अराजकता फैला दो।'

उन्होंने यह भी कहा कि जनता को अदालत के सामने अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन कांग्रेस खुद को 'सभी संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर' मानती है। ठाकुर के अनुसार, आरोप लगाने का अधिकार है तो प्रमाण देने की जिम्मेदारी भी विपक्ष की ही है।

कांग्रेस के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर हमला

ठाकुर ने कांग्रेस के इतिहास पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने देश में आपातकाल लगाया, संविधान को 'कुचला', लाखों युवाओं को जेल में डाला और जबरन नसबंदी अभियान चलाया — वही पार्टी आज चुनाव में धाँधली का आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर लूटने और पोलिंग बूथ कैप्चर करने का इतिहास कांग्रेस का अपना रहा है, इसीलिए वे ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की माँग करते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब हाल के विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर विपक्षी दलों और सत्ताधारी गठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BJP ने राहुल गांधी पर संस्थाओं को 'अस्थिर' करने का आरोप लगाया हो।

जवाबदेही पर BJP का तर्क

ठाकुर ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जवाबदेही केवल सरकार की नहीं, बल्कि नेता प्रतिपक्ष की भी होती है। उन्होंने कहा, 'जनादेश पसंद आए तो लोकतंत्र, चुनाव हार जाएँ तो वोट चोरी — यह दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं।' उन्होंने चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को 'बेबुनियाद' बताते हुए कहा कि असहमति सबका अधिकार है, लेकिन आरोपों के साथ प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा।

आने वाले दिनों में इस राजनीतिक बहस के और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष ने अभी तक BJP के इन आरोपों का औपचारिक जवाब नहीं दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कई नागरिक समाज संगठन भी उठाते रहे हैं। ठाकुर ने 'प्रमाण दो' की माँग रखी, लेकिन जिन संस्थाओं से प्रमाण माँगा जाना चाहिए — चुनाव आयोग, न्यायपालिका — उन पर संसद में जवाबदेही की माँग को भी 'अराजकता' कहना लोकतांत्रिक विमर्श को संकुचित करता है। असली सवाल यह नहीं कि विपक्ष सही है या गलत — बल्कि यह है कि क्या भारत का चुनावी ढाँचा स्वतंत्र जाँच के लिए पर्याप्त खुला है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
अनुराग ठाकुर ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि राहुल गांधी को तथ्यों, तर्क और नियमों की जानकारी नहीं है और वे केवल अराजकता फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को नीचा दिखाने और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँचाने का भी आरोप लगाया।
BJP ने वोट चोरी के आरोपों पर क्या कहा?
BJP नेता अनुराग ठाकुर ने वोट चोरी के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया है। उनका कहना था कि असहमति का अधिकार है, लेकिन आरोप लगाने के साथ प्रमाण देना भी विपक्ष की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी के राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश के पास जाने पर क्या हुआ?
ठाकुर के अनुसार, जब राहुल गांधी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास गए तो उनसे प्रमाण माँगे गए जो वे दे नहीं सके। मुख्य न्यायाधीश के पास जाने पर कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जा सकता।
ठाकुर ने कांग्रेस के इतिहास पर क्या टिप्पणी की?
ठाकुर ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने देश में आपातकाल लगाया, संविधान को कुचला, लाखों युवाओं को जेल में डाला और जबरन नसबंदी अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर लूटने और बूथ कैप्चर करने का इतिहास कांग्रेस का अपना है, इसीलिए वे ईवीएम के विरोध में हैं।
BJP का लोकतंत्र और जवाबदेही पर क्या रुख है?
BJP नेता ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही केवल सरकार की नहीं, नेता प्रतिपक्ष की भी होती है। उनका तर्क था कि 'लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन जनादेश को बदनाम करने का लाइसेंस नहीं।'
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले