क्या कांग्रेस को बिहार में हार का डर है, इसलिए राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं?

सारांश
Key Takeaways
- अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे पहले से आरोप लगा रहे हैं।
- कांग्रेस ने अब तक 90 चुनाव हारें हैं।
- कांग्रेस का इतिहास संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग से भरा है।
- भाजपा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत किया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी मुद्दों पर विस्तार से सुनवाई की है।
हमीरपुर, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। ठाकुर ने कहा कि अब तक 90 चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस हार चुकी है और अब बिहार में भी यही डर कांग्रेस को सता रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर रविवार को हमीरपुर के टाउन हॉल में एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों का जवाब दिया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद वीवीपैट, ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। कांग्रेस ने इस बार प्रीप्लानिंग की है। वह बिहार में चुनाव हारने वाले हैं, इसलिए पहले ही आरोप लगा रहे हैं। एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने विस्तार से सुनवाई की और निर्णय दिए। अगर राहुल गांधी या अन्य विपक्षी दलों का संवैधानिक संस्थाओं से विश्वास उठ चुका है तो यह दुर्भाग्य है।
इस दौरान, भाजपा सांसद ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों को कांग्रेस का इतिहास याद दिलाया। उन्होंने कहा, 'जब राजीव गांधी की हत्या हुई, उस समय देश में चुनाव चल रहे थे। चुनाव आयोग ने उस समय एक सीट नहीं, बल्कि पूरे देश का चुनाव स्थगित कर दिया था। कांग्रेस के समय चुने गए चुनाव आयुक्त बाद में पार्टी में चले गए। राहुल गांधी अगर इतिहास में देखेंगे तो पता चलेगा कि कांग्रेस ने संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग किया। इंदिरा गांधी को जब प्रधानमंत्री का पद छोड़ना पड़ा, तो इसका कारण 1971 के चुनाव में पूर्ण सत्ता का दुरुपयोग था।'
अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार में संवैधानिक संस्थानों को मजबूत किया गया है। ये संस्थाएं अब स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य कर रही हैं।