राजस्थान निकाय चुनाव जीत पर अनुराग ठाकुर बोले — '32 महीनों के काम को मिला जनादेश', राहुल गांधी पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को जयपुर पहुँचकर राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में BJP की जीत को 'जनता का स्पष्ट समर्थन' करार दिया। ठाकुर ने कहा कि पिछले 32 महीनों में भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के कार्यों को इस जीत के ज़रिये सीधा जनादेश मिला है।
जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत
जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की 'भारी जीत' पार्टी के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने इसे न केवल राजस्थान बल्कि दिल्ली यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत से जोड़ा। ठाकुर के अनुसार, 'देश के युवाओं ने भाजपा की विचारधारा के पक्ष में मतदान किया है।'
उन्होंने युवा मुद्दों पर सरकार की प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए कहा कि जिम्मेदारी के साथ किए गए काम का परिणाम ही इन चुनावी नतीजों में दिखता है।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार
भाजपा सांसद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) पर सीधा निशाना साधा। ठाकुर ने कहा कि 'झूठ की गूंज' फैलाने वालों को कई मोर्चों पर करारा जवाब मिला है। उनके अनुसार, कांग्रेस की रणनीति केवल चुनाव आयोग या EVM पर आरोप लगाने तक सीमित रह गई है और जब यह भी काम न आए तो 'पैसे के दम पर हेराफेरी' के आरोप लगाए जाते हैं।
ठाकुर ने एक विशेष टिप्पणी करते हुए कहा कि जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री एक बुज़ुर्ग महिला को कुर्सी देकर उनकी देखभाल करते हैं, वहीं राहुल गांधी के मंच से एक बुज़ुर्ग महिला का 'मज़ाक उड़ाया गया'। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के 'संस्कारों' और महिलाओं के प्रति उसकी सोच को उजागर करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और महिला आरक्षण का मुद्दा
अनुराग ठाकुर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्वाचन के समय कांग्रेस नेताओं द्वारा एक आदिवासी महिला पर की गई 'आपत्तिजनक टिप्पणियों' को भी याद दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने में भी अड़ंगा लगाती रही है और नहीं चाहती कि राज्य विधानसभाओं व लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिले।
ठाकुर ने माँग की कि महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए जितनी जल्दी हो सके, संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सत्र में कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन को चलने नहीं दिया, जिससे महिलाएँ अपने अधिकारों से वंचित रहीं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भाजपा सरकार के कार्यकाल के लगभग ढाई वर्ष पूरे हो चुके हैं और स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण जनमत-परीक्षण माने जा रहे थे। गौरतलब है कि राजस्थान की राजनीति में स्थानीय निकाय चुनाव अक्सर विधानसभा के अगले चुनावी समीकरणों का संकेत देते हैं। आने वाले समय में यह जीत भाजपा के लिए रणनीतिक बढ़त का काम कर सकती है।