निकिता गांधी ने अरिजीत सिंह के सफर से सीखा, कहा- 'वह मेरी प्रेरणा हैं'
सारांश
Key Takeaways
- निकिता गांधी की अरिजीत सिंह के प्रति गहरी प्रशंसा।
- उनका करियर तमिल फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुआ।
- लाइव परफॉर्मेंस और स्टूडियो रिकॉर्डिंग के अनुभव में अंतर।
- संगीत के प्रति उनका प्यार और समर्पण।
- अरिजीत सिंह की प्रेरणा से सीखने का महत्व।
मुंबई, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी विशिष्ट गायकी के लिए प्रसिद्ध निकिता गांधी ने अरिजीत सिंह के साथ कई गानों में अपनी आवाज का जादू बिखेरा है। हाल ही में, उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में खुलासा किया कि वे अरिजीत की एक बड़ी प्रशंसक हैं।
निकिता ने कहा, "मैं अरिजीत की गहरी प्रशंसा करती हूं और उनके सफ़र तथा गायकी की बहुत इज्जत करती हूं। मैं भी एक बहुमुखी गायिका हूं और मुझे खुशी है कि मैंने उनके अनुभवों से बहुत कुछ सीखा है। निश्चित रूप से, यह दुखद है कि वे अब एक नए चरण में हैं, लेकिन उन्होंने इस इंडस्ट्री को बहुत कुछ दिया है।"
उन्होंने आगे अपने करियर के बारे में बताया कि कैसे उन्होंने पहले फिल्मी गाने गाए और फिर अपना इंडी म्यूजिक जारी किया। आमतौर पर लोग पहले इंडी करते हैं और उसके बाद फिल्मों में कदम रखते हैं, लेकिन मेरा सफ़र थोड़ा अलग रहा। कॉलेज के दिनों में मैंने तमिल फिल्मों में गाना शुरू किया। उस समय मुझे म्यूजिक इंडस्ट्री में आने का कोई ख्याल नहीं था, लेकिन फिर मुझे साउथ इंडस्ट्री और बाद में बॉलीवुड में अवसर मिला।
निकिता ने कहा, "यह एक अलग और अद्भुत सफ़र रहा है, क्योंकि मैंने कभी सिंगर बनने का ख्वाब नहीं देखा था। इसीलिए, मैंने इसे दिल से किया और अपने करियर का पूरा आनंद लिया।"
लाइव परफॉर्मेंस और स्टूडियो रिकॉर्डिंग के बीच के अंतर पर बात करते हुए, निकिता ने बताया कि दोनों अनुभव बिल्कुल अलग हैं। लाइव शो में दर्शकों की ऊर्जा का अनुभव मिलता है, जो अनमोल होता है। वह पल उसी वक्त का होता है और चला जाता है। दूसरी ओर, स्टूडियो में गाने की रिकॉर्डिंग करते समय परफेक्शन पर जोर दिया जाता है। स्टूडियो में गाना रिकॉर्ड करते समय कई बार टेक लेना होता है, जब तक गाना एकदम सही न हो जाए। क्योंकि रिकॉर्डेड चीज़ हमेशा के लिए रहती है, इसलिए इसे सर्वश्रेष्ठ बनाने में समय और मेहनत लगती है।