लखनऊ अग्निकांड: सैकड़ों झोपड़ियां जलकर खाक, दो मासूम बहनों की दर्दनाक मौत

Click to start listening
लखनऊ अग्निकांड: सैकड़ों झोपड़ियां जलकर खाक, दो मासूम बहनों की दर्दनाक मौत

सारांश

लखनऊ में एक भयावह अग्निकांड ने सैकड़ों झोपड़ियों को खाक कर दिया। राहत कार्य में दो मासूम बहनों के शव बरामद हुए। जानें इस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • लखनऊ अग्निकांड ने सैकड़ों झोपड़ियों को प्रभावित किया।
  • दो मासूम बहनों की दर्दनाक मौत हुई।
  • आग की शुरुआत एक छोटी चिंगारी से हुई।
  • राहत कार्य देर रात तक जारी रहा।
  • स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग लापता हैं।

लखनऊ, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विकासनगर क्षेत्र में बुधवार शाम को एक भयावह अग्निकांड घटित हुआ, जिसने तेजी से सैकड़ों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन राहत एवं बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा। इस दौरान, पुलिस और बचाव दल ने दो मासूम बहनों के शव बरामद किए।

विकासनगर सेक्टर-11 के समीप रिंग रोड के पास अचानक आग लग गई। प्रारंभ में यह एक छोटी सी चिंगारी से शुरू हुई, लेकिन थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा और झोपड़ियों की घनी बस्ती के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे सेक्टर-11 से लेकर सेक्टर-14 तक लगभग 250 से अधिक झोपड़ियां जल गईं।

इस घटना के दौरान क्षेत्र में अफरातफरी मच गई, लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागने लगे। आग इतनी भयंकर थी कि झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। घटना के बाद दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और आग बुझाने का कार्य आरंभ किया। कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक व्यापक नुकसान हो चुका था।

इस दुखद हादसे में राहत-बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा। पुलिस और राहत दल ने मलबे और जली हुई झोपड़ियों के बीच से दो शव बरामद किए। इनमें से एक 2 महीने की और दूसरी श्रुति (2 वर्ष) थी। कहा जा रहा है कि ये दोनों सगी बहनें थीं और आग की इस भयानक घटना में जिंदा जल गईं। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने दोनों शवों की बरामदगी की पुष्टि की है। सतीश निवासी ग्राम काशीपुरवा, थाना रामसनेही घाट (बाराबंकी) की दो बेटियों के शव मिले। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग अब भी लापता हैं और कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

Point of View

बल्कि यह एक गंभीर सुरक्षा मुद्दा भी बन गया है। ऐसे हादसे हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। सरकार को इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

लखनऊ अग्निकांड में कितनी झोपड़ियां प्रभावित हुईं?
लगभग 250 से अधिक झोपड़ियां आग की चपेट में आईं।
इस अग्निकांड में कितनी बहनें प्रभावित हुईं?
इस अग्निकांड में दो सगी बहनों की मौत हुई।
आग लगने का कारण क्या था?
आग लगने की शुरुआत एक छोटी चिंगारी से हुई थी।
क्या राहत कार्य अभी भी जारी है?
जी हां, राहत कार्य देर रात तक जारी रहा।
इस घटना में और कौन प्रभावित हुए?
कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं और कुछ लोग लापता हैं।
Nation Press