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क्या पूर्व मंत्री आसिम अहमद खान ने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए?

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क्या पूर्व मंत्री आसिम अहमद खान ने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए?

सारांश

पूर्व मंत्री आसिम अहमद खान ने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होकर मटिया महल विधानसभा में राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। क्या यह कदम आगामी उपचुनाव में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित होगा?

मुख्य बातें

आसिम अहमद खान ने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया।
उनके शामिल होने से मटिया महल विधानसभा में आप की स्थिति मजबूत हुई है।
चांदनी महल वार्ड उपचुनाव में आप की जीत की संभावना बढ़ गई है।

नई दिल्ली, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में हो रहे उपचुनाव से पहले कांग्रेस को एक गंभीर झटका लगा है। मटिया महल विधानसभा से पूर्व विधायक और दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके आसिम अहमद खान ने कांग्रेस का साथ छोड़कर आम आदमी पार्टी (आप) का दामन थाम लिया है।

शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के मुख्यालय में दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने पटका और टोपी पहनाकर खान का पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री और विधायक इमरान हुसैन, विधायक संजीव झा सहित कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे। आसिम अहमद खान के शामिल होने से मटिया महल विधानसभा में आप की स्थिति और मजबूत हुई है और चांदनी महल वार्ड उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

पार्टी का दावा है कि स्थानीय स्तर पर उनके जुड़ने से राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चांदनी महल वार्ड में करीब 30 वर्षों से एक ही परिवार का वर्चस्व रहा है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। जगह-जगह कूड़ा और मलबे के ढेर, सड़कों पर धूल-मिट्टी और अव्यवस्था से जनता परेशान है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कब तक एक परिवार के भाई, भतीजे, साले, मामा और रिश्तेदार सत्ता पर काबिज रहेंगे? यह चुनाव परिवारवाद बनाम जनता के सेवक के बीच होने जा रहा है और जनता ने इस बार स्पष्ट संदेश दिया है, “रिश्तेदार नहीं, खिदमतगार चाहिए।”

सौरभ भारद्वाज ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिकायत के आधार पर तत्कालीन खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आसिम अहमद खान को बिना देरी के मंत्रिमंडल से हटा दिया था और मामले की सीबीआई जांच की भी सिफारिश की थी। सीबीआई ने लंबी और गहन जांच के बाद खान को क्लीन चिट दी और अदालत ने भी उन्हें सम्मानपूर्वक बरी किया।

इसके बाद खान कांग्रेस में शामिल हो गए थे और 2025 के विधानसभा चुनाव में मटिया महल से उम्मीदवार भी रहे। भारद्वाज ने कहा कि आसिम अहमद खान के ट्रैक रिकॉर्ड, उनकी बेदाग जांच रिपोर्ट और कोर्ट से बाइज्जत बरी होने को ध्यान में रखते हुए आम आदमी पार्टी ने दोबारा उन्हें अपने परिवार में शामिल करने का फैसला लिया है। उनका विश्वास है कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए खान की सक्रिय भागीदारी चांदनी महल वार्ड में नई राजनीतिक शुरुआत का मार्ग प्रशस्त करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना है। यह बदलाव आगामी उपचुनाव में सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकता है। हमें इस पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आसिम अहमद खान ने कांग्रेस क्यों छोड़ी?
आसिम अहमद खान ने राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के लिए कांग्रेस छोड़ी और आम आदमी पार्टी में शामिल हुए।
आम आदमी पार्टी में शामिल होने से क्या बदलाव आएंगे?
आसिम अहमद खान के शामिल होने से मटिया महल विधानसभा में 'आप' की स्थिति मजबूत होगी।
क्या आसिम खान पर कोई आरोप थे?
पूर्व में उन पर आरोप लगे थे, लेकिन सीबीआई की जांच में उन्हें क्लीन चिट मिली थी।
राष्ट्र प्रेस
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