कांग्रेस पर <b>फर्जी दस्तावेजों</b> के इस्तेमाल का आरोप, <b>हिमंत बिस्वा सरमा</b> ने दी कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए किया गया है।
- कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- जांच एजेंसियों को मामले की गहनता से जांच करने को कहा गया है।
- सत्यता को सामने लाने के लिए आवश्यक है जांच करना।
गुवाहाटी, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम की राजनीति में एक नया विवाद उभरा है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य चुनावी वातावरण को प्रभावित करना था।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने एक ही मुद्दे पर दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत दस्तावेज असत्य थे।
सरमा के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जनता को गुमराह करने की कोशिश करता है, तो उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 468 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। नए भारतीय न्याय संहिता में ऐसे मामलों के लिए कड़े प्रावधान हैं, विशेषकर जब इनका उद्देश्य चुनाव परिणाम को प्रभावित करना हो।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उनकी पत्नी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है और उन्हें विश्वास है कि पुलिस उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी टीम की जांच में सामने आया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तेमाल की गई सामग्री एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूह से प्राप्त की गई थी।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पिछले 10 दिनों में पाकिस्तान के चैनलों पर असम चुनाव को लेकर कई चर्चाएं हुई हैं, जिनमें कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की गई।
पासपोर्ट से जुड़े आरोपों पर बोलते हुए सरमा ने कहा कि यूएई का असली पासपोर्ट एक पाकिस्तानी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया था जबकि कांग्रेस द्वारा प्रदर्शित किए गए दस्तावेजों में कथित रूप से एआई के माध्यम से छेड़छाड़ की गई। उन्होंने यह भी कहा कि मिस्र का पासपोर्ट भी फर्जी है और इसकी पुष्टि इंटरनेट के जरिए की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि बहुत कम कीमत में कोई भी कंपनी रजिस्टर कर सकता है और इसी का उपयोग करके नए नामों से कंपनियां बनाई गईं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया स्रोतों से प्राप्त दस्तावेजों का उपयोग किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि असम चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, हिमंत सरमा ने स्पष्ट किया कि वे यह नहीं कह रहे कि इन दस्तावेजों के पीछे कौन है और यह जांच एजेंसियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई को सामने लाने के लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता है।