असम को मिलेगा चौथा कृषि कॉलेज: बराक घाटी के पत्थरकांडी में 84.6 एकड़ जमीन आवंटित
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य को जल्द ही अपना चौथा कृषि कॉलेज मिलेगा। राज्य कैबिनेट ने बराक घाटी में इस तरह का पहला कृषि शिक्षण संस्थान स्थापित करने हेतु श्रीभूमि जिले के पत्थरकांडी में 84.6 एकड़ भूमि आवंटित करने को अपनी स्वीकृति दे दी है। यह कदम दक्षिणी असम में कृषि उच्च शिक्षा और अनुसंधान की दीर्घकालिक कमी को दूर करने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।
कैबिनेट का फैसला और भूमि आवंटन
राज्य कैबिनेट ने पत्थरकांडी स्थित प्रतापगढ़ में भूमि के एक बड़े हिस्से के हस्तांतरण को मंजूरी दी है। आवंटित भूमि लगभग 256 257 बीघा (84.6 एकड़) बताई जा रही है। मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "असम को अपना चौथा और बराक घाटी को अपना पहला एग्रीकल्चर कॉलेज मिलने जा रहा है। प्रस्तावित कॉलेज के लिए पत्थरकांडी में 84.6 एकड़ जमीन अलॉट की गई है।" गौरतलब है कि भूमि आवंटन की यह औपचारिक मंजूरी परियोजना को क्रियान्वयन की दिशा में एक और कदम आगे ले जाती है।
बराक घाटी के लिए क्यों है यह अहम
बराक घाटी असम का एक कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहाँ की स्थानीय अर्थव्यवस्था में खेती बाड़ी की केंद्रीय भूमिका है। इस इलाके में अब तक उच्च कृषि शिक्षा के लिए कोई समर्पित संस्थान नहीं था, जिससे यहाँ के छात्रों को दूरदराज के संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। नया कॉलेज न केवल शिक्षा की पहुँच बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय फसलों, खेती की तकनीकों और कृषि नवाचार पर स्थानीय शोध का एक मंच भी तैयार करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार कृषि शिक्षा और बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है।
शिक्षा और रोजगार पर संभावित असर
प्रस्तावित कॉलेज से बराक घाटी और आसपास के जिलों के छात्रों को कृषि विज्ञान में उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह संस्थान क्षेत्र के युवाओं के लिए खेती बाड़ी से जुड़ी पढ़ाई, अनुसंधान और नवाचार के नए द्वार खोलेगा। इसके अतिरिक्त, यह कॉलेज कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्रों में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
असम सरकार की व्यापक कृषि रणनीति
यह निर्णय असम सरकार की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में कृषि शिक्षा और संबंधित बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। राज्य का कृषि विभाग किसानों के लिए प्रशिक्षण, मशीनीकरण, सिंचाई, फसल बीमा, विपणन और अन्य सहायता सेवाएँ संचालित करता है। श्रीभूमि जिले में यह नया संस्थान इन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है।
आगे क्या होगा
भूमि आवंटन को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कॉलेज के शैक्षणिक ढाँचे, पाठ्यक्रम, निर्माण की समय सीमा और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विवरण राज्य सरकार द्वारा अलग से घोषित किए जाने की उम्मीद है। आने वाले महीनों में इस परियोजना की विस्तृत रूपरेखा सामने आने की संभावना है, जो बराक घाटी में कृषि शिक्षा के भविष्य की दिशा तय करेगी।