क्या आवामी लीग ने यूनुस सरकार पर नेताओं की मनमानी गिरफ्तारी का आरोप लगाया?

सारांश
Key Takeaways
- आवामी लीग ने यूनुस सरकार की निंदा की।
- सरकार ने 1,593 नेताओं की गिरफ्तारी की।
- आतंकवादियों के प्रति सरकार की लापरवाही पर चिंता।
- आवामी लीग ने जनता का समर्थन जुटाने का प्रयास किया।
- न्याय व्यवस्था की गंभीर स्थिति पर चेतावनी।
ढाका, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश की आवामी लीग पार्टी ने बुधवार को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की कड़ी निंदा की। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह सरकार देशभर में उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं की बिना किसी कारण गिरफ्तारी कर रही है, जबकि पहचाने गए फरार आतंकवादियों को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम रही है।
पार्टी ने एक बयान में कहा कि “गैरकानूनी और अवैध कब्जाधारी” यूनुस और उनके सहयोगियों ने आतंकवाद और उग्रवाद को समाप्त करने के बजाय उसे संरक्षण देने का खतरनाक प्रयास शुरू कर दिया है।
आवामी लीग का दावा है कि “इन अवैध शासकों की लापरवाही के चलते 700 से अधिक पहचाने गए आतंकवादी और उग्रवादी अब भी जेल से फरार हैं। ये अपराधी न केवल जेल से भाग निकले बल्कि पुलिस थानों पर भी हमले कर हथियार भी लूट ले गए। इसके बावजूद यह गैरसंवैधानिक सरकार अब तक उन हथियारों को वापस पाने में नाकाम रही है।”
पार्टी का कहना है कि इन्हीं हथियारों का उपयोग कर आतंकवादी पुलिस, आम नागरिकों और यहां तक कि पुलिस थानों पर भी हमले कर रहे हैं। यह सब मौजूदा सरकार की घोर लापरवाही के कारण संभव हो पाया है।
आवामी लीग ने कहा कि आतंकवादियों और उग्रवादियों के प्रति खुले तौर पर पक्षपात करने वाली ‘हत्यारी-फासीवादी यूनुस मंडली’ ने जनता की सुरक्षा और जीवन को गंभीर जोखिम में डाल दिया है। जो सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति इतनी बेरहम हो, उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
पार्टी ने ऐलान किया कि वह जनता के साथ मिलकर इस “बेशर्म, हत्यारी-फासीवादी यूनुस मंडली” को सत्ता छोड़ने पर मजबूर करेगी।
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट दी थी कि यूनुस सरकार के निर्देश पर पुलिस ने राष्ट्रव्यापी अभियान चलाकर आवामी लीग के 1,593 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
आवामी लीग की मीडिया सेल के अनुसार, देश में “फर्जी कानूनी मामलों, भीड़ हिंसा और राजनीतिक प्रतिशोध” की लहर तेज हो गई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि न्याय व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लोकतांत्रिक सरकार के गिरने के बाद से “फर्जी मामलों की सुनामी” देखी जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस शासन ने हसीना और उनकी पार्टी के खिलाफ राजनीतिक बदलामनगढ़ंत मुकदमे दर्ज कर दिए गए थे।