क्या पिछले हफ्ते बजाज फाइनेंस को बड़ा झटका लगा, मार्केट कैप में 14 हजार करोड़ का नुकसान?

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क्या पिछले हफ्ते बजाज फाइनेंस को बड़ा झटका लगा, मार्केट कैप में 14 हजार करोड़ का नुकसान?

सारांश

पिछले हफ्ते भारत के प्रमुख वित्तीय बाजार में बजाज फाइनेंस को गंभीर झटका लगा, जिसमें इसका मार्केट कैप 14,000 करोड़ रुपए से अधिक घट गया। जानिए इसके पीछे के कारण और अन्य कंपनियों की स्थिति के बारे में।

Key Takeaways

  • बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 14,000 करोड़ रुपए घटा।
  • भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बना।
  • वैश्विक अनिश्चितताओं का निवेशकों पर असर।
  • हिंदुस्तान यूनिलीवर एकमात्र कंपनी रही, जिसका मार्केट कैप बढ़ा।
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही।

मुंबई, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पिछले हफ्ते कमजोर माहौल के चलते भारत के कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। इस दौरान बजाज फाइनेंस को एक गंभीर झटका लगा और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 14,000 करोड़ रुपए से अधिक घट गया।

यह गिरावट शेयर बाजार में कुल मिलाकर बिकवाली के कारण हुई, जिसमें वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपए पर दबाव जैसे कारक शामिल थे।

पिछले हफ्ते भारत की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 कंपनियों की कुल बाजार वैल्यू 2.51 लाख करोड़ रुपए घट गई, जो कि शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट को दर्शाता है।

इस अवधि में बजाज फाइनेंस की मार्केट कैप 14,093.93 करोड़ रुपए घटकर 5,77,353.23 करोड़ रुपए रह गई, जिससे यह सबसे अधिक नुकसान उठाने वाली कंपनियों में शामिल हो गई।

एक हफ्ते तक शेयर बाजार पर दबाव बना रहा, जिससे सेंसेक्स में भारी बिकवाली हुई और यह 2,032.65 अंक यानी 2.43 प्रतिशत घट गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से नकारात्मक संकेत, विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर बिकवाली, रुपए की कमजोरी और कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा कि घरेलू और वैश्विक चिंताओं के कारण बाजार में तेज गिरावट आई और बिकवाली करने वाले निवेशकों का दबदबा बना रहा।

बड़ी कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे अधिक नुकसान हुआ, जिसका मार्केट कैप 96,960.17 करोड़ रुपए घटकर 18,75,533.04 करोड़ रुपए रह गया।

आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 48,644.99 करोड़ रुपए घटकर 9,60,825.29 करोड़ रुपए रह गया। एचडीएफसी बैंक को 22,923.02 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और उसकी मार्केट वैल्यू 14,09,611.89 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।

भारती एयरटेल का मार्केट कैप 17,533.97 करोड़ रुपए घटकर 11,32,010.46 करोड़ रुपए रह गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की वैल्यू 16,588.93 करोड़ रुपए घटकर 11,43,623.19 करोड़ रुपए हो गई। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) की मार्केट वैल्यू 15,248.32 करोड़ रुपए घटकर 5,15,161.91 करोड़ रुपए रह गई।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केट कैप 11,907.5 करोड़ रुपए घटकर 9,50,199.77 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, इंफोसिस की मार्केट वैल्यू भी 7,810.77 करोड़ रुपए घटकर 6,94,078.82 करोड़ रुपए रह गई।

इसके विपरीत, हिंदुस्तान यूनिलीवर अकेली ऐसी कंपनी रही, जिसकी बाजार वैल्यू में वृद्धि हुई और कंपनी का मार्केट कैप 12,311.86 करोड़ रुपए बढ़कर 5,66,733.16 करोड़ रुपए पहुंच गया।

हालांकि, साप्ताहिक नुकसान के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलएंडटी का स्थान रहा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि हालिया वित्तीय उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के विश्वास को कमजोर किया है। वैश्विक और घरेलू चिंताओं ने बाजार में अस्थिरता पैदा की है, जिससे हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में स्थिति में सुधार होगा।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप क्यों घटा?
बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप कमजोर वैश्विक माहौल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और शेयर बाजार में कुल बिकवाली के कारण घटा।
क्या अन्य कंपनियों पर भी असर पड़ा?
हां, भारत की कई प्रमुख कंपनियों के मार्केट कैप में भी गिरावट आई है, जिसमें रिलायंस, एचडीएफसी, और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं।
क्या हालात में सुधार होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजारों में स्थिरता आती है, तो स्थिति में सुधार संभव है।
क्या हिंदुस्तान यूनिलीवर ने लाभ कमाया?
हाँ, हिंदुस्तान यूनिलीवर एकमात्र कंपनी है जिसका मार्केट कैप बढ़ा है, जबकि अन्य कंपनियों को नुकसान हुआ।
क्या यह गिरावट सामान्य है?
इस प्रकार की गिरावट बाजार की अस्थिरता का एक हिस्सा है, जो समय-समय पर होती है।
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