कोलकाता में किडनी तस्करी रैकेट का पर्दाफाश: STF ने बांग्लादेशी नागरिक रसेल अहमद को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 30 अगस्त 2026 को खुलासा किया कि उसने कोलकाता के बागूइहाटी इलाके से एक सीमा पार किडनी तस्करी रैकेट में सक्रिय बांग्लादेशी नागरिक रसेल अहमद को गिरफ्तार किया है। अहमद को शनिवार और रविवार की दरमियानी रात हिरासत में लिया गया और बाद में उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर (दक्षिण) पुलिस स्टेशन को सौंपा गया।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
जाँच के अनुसार, STF ने कुछ दिन पहले किडनी तस्करी रैकेट में शामिल प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया था। मंडल से पूछताछ के दौरान रसेल अहमद का नाम सामने आया, जिसके बाद STF ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार किया। मंडल को 18 अगस्त को एक पीड़ित युवक के पिता की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था — उस युवक की एक किडनी का ऑपरेशन नाममात्र शुल्क पर किया गया था।
अहमद की भूमिका और फर्जी दस्तावेज़
जाँच में पता चला कि रसेल अहमद अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था और उसने आधार कार्ड तथा पैन कार्ड सहित फर्जी भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिए थे। वह लंबे समय से पश्चिम बंगाल में किराए के मकान में रह रहा था। उल्लेखनीय है कि अहमद को 2024 में भी किडनी तस्करी रैकेट में संलिप्तता के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
रैकेट का तरीका और बरामदगी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के युवाओं को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य इन युवाओं को नौकरी का लालच देकर दूसरे राज्यों में ले जाते थे, जहाँ उनकी किडनी का ऑपरेशन कर उन्हें नाममात्र की रकम दी जाती थी। अहमद के पास से जाँच के दौरान एक रेट चार्ट और विभिन्न राज्यों के निजी अस्पतालों के कागजात बरामद हुए, जिनमें किडनी की माँग से संबंधित विवरण दर्ज थे।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि रसेल अहमद को उत्तर 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल उससे इस रैकेट में शामिल स्थानीय सहयोगियों की पहचान के लिए गहन पूछताछ जारी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सीमा पार मानव तस्करी और अंग व्यापार के खिलाफ जाँच एजेंसियाँ देशभर में अभियान तेज़ कर रही हैं।