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बरेली मुठभेड़: हत्या के प्रयास के आरोपी बिलाल घोसी के दोनों पैरों में गोली, गिरफ्तार

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बरेली मुठभेड़: हत्या के प्रयास के आरोपी बिलाल घोसी के दोनों पैरों में गोली, गिरफ्तार

सारांश

बरेली में पुलिस ने मध्यरात्रि मुठभेड़ में हत्या के प्रयास के आरोपी बिलाल घोसी को दबोचा — जवाबी फायरिंग में दोनों पैरों में गोली लगी। लूट-चोरी के पुराने मुकदमों वाले इस आरोपी पर अब गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी होगी।

मुख्य बातें

बरेली में 1 जून 2026 की मध्यरात्रि जनकपुरी, पुरानी रेलवे लाइन के पास पुलिस मुठभेड़ हुई।
हत्या के प्रयास के आरोपी बिलाल घोसी के दोनों पैरों में गोली लगी, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरोपी के कब्जे से तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद।
घोसी पर पहले से लूट, चोरी समेत कई मुकदमे दर्ज; जल्द हिस्ट्रीशीट और गुंडा एक्ट की कार्रवाई होगी।
मुठभेड़ के बाद घोसी का माफी माँगता वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल ।

उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने 1 जून 2026 को मध्यरात्रि हुई मुठभेड़ में हत्या के प्रयास के आरोपी बिलाल घोसी को गिरफ्तार किया। जवाबी फायरिंग में घोसी के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके कब्जे से तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किए गए।

मुख्य घटनाक्रम

31 मई की सुबह थाना प्रेमनगर पर एक व्यक्ति ने तहरीर दी कि बिलाल घोसी ने उसके परिवार के साथ मारपीट की और चाकू से जानलेवा हमला किया, जिसमें वह घायल हो गए। तहरीर पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर दो पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में रवाना की गईं।

मुखबिर की सूचना पर 31 मई और 1 जून की मध्यरात्रि को पुरानी रेलवे लाइन के पास जनकपुरी में घोसी को घेरा गया। पुलिस के अनुसार, भागते समय उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी और वह गिर पड़ा।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि बिलाल घोसी पर पहले से लूट, चोरी समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही उसकी हिस्ट्रीशीट खुलवाई जाएगी और गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि घोसी करीब छह साल पहले तब पहली बार चर्चा में आया था जब उस पर दूसरे समुदाय की युवती को बहलाकर ले जाने और फर्जी आधार कार्ड बनवाकर शादी का दावा करने का आरोप लगा था। उस समय उसकी गिरफ्तारी न होने पर हिंदू संगठनों ने किला थाने का घेराव किया था और थाने में तोड़फोड़ की घटना भी हुई थी, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।

मुठभेड़ के बाद का दृश्य

मुठभेड़ के बाद बिलाल घोसी दर्द से कराहता दिखा। पुलिसकर्मियों से उसने कहा, 'गलती हो गई, माफ कर दीजिए सर। अब बरेली में नहीं दिखूंगा।' आरोपी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम ने कहा कि पुलिस टीमों ने लगातार दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की उस नीति के तहत की गई जिसमें सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया जाता है।

आगे क्या होगा

घायल बिलाल घोसी फिलहाल जिला अस्पताल में उपचाराधीन है। स्वस्थ होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। हिस्ट्रीशीट और गुंडा एक्ट की कार्रवाई शीघ्र पूरी किए जाने की बात अधिकारियों ने कही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जिस पर मानवाधिकार निकाय समय-समय पर सवाल उठाते हैं। घोसी का छह साल पुराना सांप्रदायिक रंग लिया विवाद और उसके बाद किला थाने पर भीड़ का हमला यह दिखाता है कि यह मामला केवल आपराधिक नहीं, बल्कि सामाजिक तनाव की परतें भी लिए हुए है। गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीट की घोषणा प्रशासनिक सतर्कता का संकेत है, पर असली परीक्षा न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरेली में बिलाल घोसी को क्यों गिरफ्तार किया गया?
बिलाल घोसी पर 31 मई 2026 को एक परिवार के साथ मारपीट और चाकू से जानलेवा हमले का आरोप है। थाना प्रेमनगर में तहरीर के आधार पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
बरेली मुठभेड़ कहाँ और कब हुई?
मुठभेड़ 31 मई और 1 जून 2026 की मध्यरात्रि को बरेली के जनकपुरी, पुरानी रेलवे लाइन के पास हुई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घोसी को घेरा, जिसने भागते हुए फायरिंग की।
बिलाल घोसी पर पहले से कौन-से मुकदमे दर्ज हैं?
सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम के अनुसार, घोसी पर लूट और चोरी समेत कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस जल्द उसकी हिस्ट्रीशीट खुलवाएगी और गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई करेगी।
मुठभेड़ में क्या बरामद हुआ?
घायल बिलाल घोसी के कब्जे से तमंचा, कारतूस और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया। ये सभी साक्ष्य पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।
बिलाल घोसी पहले कब चर्चा में आया था?
घोसी करीब छह साल पहले तब चर्चा में आया था जब उस पर दूसरे समुदाय की युवती को बहलाकर ले जाने और फर्जी आधार कार्ड से शादी का दावा करने का आरोप लगा था। उस समय गिरफ्तारी न होने पर हिंदू संगठनों ने किला थाने का घेराव किया था और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।
राष्ट्र प्रेस
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