क्या 'एक गांव, एक गणेश' है बेलगावी के नंदगढ़ गांव की पहचान?

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क्या 'एक गांव, एक गणेश' है बेलगावी के नंदगढ़ गांव की पहचान?

सारांश

बेलगावी का नंदगढ़ गांव 'एक गांव, एक गणेश' की अनूठी परंपरा का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां सभी समुदाय मिलकर गणेश उत्सव मनाते हैं। यह कहानी न केवल धार्मिक एकता की मिसाल है, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।

Key Takeaways

  • बेलगावी का नंदगढ़ गांव धार्मिक एकता का प्रतीक है।
  • यहां 'एक गांव, एक गणेश' की परंपरा को 81 सालों से निभाया जा रहा है।
  • गणेश उत्सव में सभी जातियों और समुदायों के लोग मिलकर भाग लेते हैं।
  • गांव के लिए एक ही गणेश प्रतिमा की स्थापना से फिजूलखर्ची बचाई जा सकती है।
  • गणेश पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

बेलगावी, २३ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। देश भर में गणेश उत्सव की तैयारियों में तेजी आ गई है। २७ अगस्त से गणेश उत्सव की शुरुआत होगी, जो कि ६ सितंबर तक चलेगा। कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा की सीमा से सटा बेलगावी जिला गणेश उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाने के लिए मशहूर है। इस उत्सव की खासियत है वह परंपरा जो वर्षों से चली आ रही है। यहाँ 'एक गांव, एक गणेश' के सिद्धांत पर बप्पा की पूजा की जाती है।

बेलगावी में भी पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की तरह हर साल गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। बेलगावी नगर की हर गली, हर घर में, सार्वजनिक और निजी तौर पर गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं, लेकिन इसी जिले में खानापुर तालुका के नंदगढ़ गांव में केवल एक ही गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती है। यह खास बात है क्योंकि इसमें सिर्फ हिंदू नहीं, बल्कि अन्य समुदाय के लोग भी गणेश उत्सव मनाते हैं।

साल १९४४ से हर वर्ष यहाँ एक ही सार्वजनिक गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाती है। इस गांव ने यह साबित कर दिया है कि हिंदू और मुस्लिम एकता में ही शक्ति है, और पूरे गांव के लिए एक ही गणेश प्रतिमा स्थापित कर एकता की अद्भुत मिसाल पेश की है।

गांव के सभी लोग ११ दिनों'गणेश पूजा' करते हैं। हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होता है। सभी जातियों और समुदायों के लोग मिलकर गणेश उत्सव मनाते हैं और ११वें दिन विसर्जन करते हैं।

गणेश समिति के एक सदस्य ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "हम कई वर्षों से 'एक गांव, एक गणेश' का संदेश दे रहे हैं ताकि सभी को यह अनुभव हो कि हम एक हैं। इससे गांव की एकता मजबूत होती है और फिजूलखर्ची से बचा जा सकता है। पूरे गांव के लिए एक ही गणेश प्रतिमा की स्थापना एक बेहतरीन परंपरा है।"

Point of View

तो यह न केवल सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक सद्भावना को भी बढ़ावा देता है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

नंदगढ़ गांव में गणेश उत्सव कब से मनाया जा रहा है?
नंदगढ़ गांव में गणेश उत्सव १९४४ से मनाया जा रहा है।
यहां गणेश प्रतिमा की स्थापना किस सिद्धांत पर की जाती है?
यहां गणेश प्रतिमा की स्थापना 'एक गांव, एक गणेश' के सिद्धांत पर की जाती है।
गणेश उत्सव के दौरान कितने दिनों तक पूजा की जाती है?
गणेश उत्सव के दौरान ११ दिनों तक पूजा की जाती है।
गणेश उत्सव में कौन-कौन से समुदाय शामिल होते हैं?
गणेश उत्सव में हिंदू और अन्य समुदाय के लोग भी शामिल होते हैं।
इस परंपरा का क्या महत्व है?
इस परंपरा का महत्व सामाजिक एकता और सद्भावना को बढ़ावा देना है।
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