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क्या भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहाँ सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है? : पप्पू यादव

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क्या भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहाँ सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है? : पप्पू यादव

सारांश

बिहार में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह पर नीतीश कुमार द्वारा हिजाब हटाने के आदेश को लेकर विवाद छिड़ गया है। पप्पू यादव ने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए भारत को धर्मनिरपेक्ष बताते हुए सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार दिया है। जानिए इस मामले में उनकी और क्या राय है।

मुख्य बातें

भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।
हर व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है।
हिजाब विवाद ने समाज में विवाद पैदा किया है।
मनरेगा का नाम बदलने से गरीबों को नुकसान होगा।
संविधान ही देश का मार्गदर्शक है।

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक महिला से हिजाब हटाने का आग्रह कर रहे हैं। इस पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) जैसे कई हिंदू संगठनों ने देश में बुर्का बैन की मांग उठाई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

पप्पू यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। यहाँ हर किसी को अभिव्यक्ति की आजादी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा देश नहीं हैं। देश का संचालन संविधान से होता है। हमारा देश गीता, कुरान, बाइबिल और आध्यात्मिकता से संचालित होता है। यह हमारी संस्कृति पर आधारित है, और हमारी संस्कृति यह कहती है 'वसुधैव कुटुंबकम,' सभी धर्मों का सम्मान करें और सार्वभौमिकता का पालन करें।"

उन्होंने कहा, "प्राचीन काल से लेकर आज तक, हमारे घरों में इसी संस्कृति का पालन किया जाता है, ताकि महिलाएं सुरक्षित और सम्मानित रह सकें। कोई यह नहीं तय कर सकता कि उन्हें कैसे रहना चाहिए या उनके साथ गलत भाषा का उपयोग नहीं किया जा सकता। जिस तरह से संजय निषाद ने बात की, इसके बारे में संजय निषाद या गिरिराज सिंह से पूछना चाहिए। मैं संजय निषाद से पूछूंगा, यदि आपके घर में बेटी है, तो ऐसी बातें सुनकर उसके मन पर क्या असर पड़ेगा?"

पूर्णिया सांसद ने मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित भारत जी-राम जी' करने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "यह बिल चिंता का विषय है क्योंकि यह मनरेगा को कमजोर करता है। मनरेगा एक ऐसा कानून है जो गरीब और बेरोजगार मजदूरों को जाति या वर्ग की परवाह किए बिना समय पर पेमेंट के साथ रोजगार की गारंटी देता है।"

उन्होंने कहा, "पहले, यह सिस्टम अधिकतम काम सुनिश्चित करता था, विशेषकर कोविड जैसी आपातकालीन स्थिति के दौरान। हालांकि, वर्तमान सरकार के तहत, काम में देरी हो रही है और आवंटन 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। अब काम के बंटवारे के लिए निर्णय लेने के लिए अनुमोदन और शर्तें अनिवार्य हैं, जिससे नौकरशाही में रुकावट पैदा हो रही है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि भारत के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों को लेकर है। हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, और यह देश संविधान से संचालित होता है। ऐसे में किसी भी धार्मिक पहचान को लेकर विवाद उठाना उचित नहीं है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने हिजाब विवाद पर क्या कहा?
पप्पू यादव ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।
क्या विश्व हिंदू परिषद ने बुर्का बैन की मांग की है?
हाँ, विश्व हिंदू परिषद ने देश में बुर्का बैन करने की मांग उठाई है।
मनरेगा नाम बदलने का क्या प्रभाव होगा?
पप्पू यादव के अनुसार, मनरेगा का नाम बदलना इसे कमजोर कर सकता है और इससे गरीब मजदूरों को रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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