13 जुलाई 2026
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क्या भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला है, निफ्टी २५,९०० स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है?

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क्या भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला है, निफ्टी २५,९०० स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार आज सपाट खुला है। निफ्टी एफएमसीजी में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। क्या आगे और गिरावट होगी? जानें इस रिपोर्ट में!

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार में आज सपाट कारोबार हुआ।
निफ्टी एफएमसीजी में १.४२ प्रतिशत की गिरावट आई।
सेंसेक्स ८४,४९४.०९ पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों में डाउ जोंस में ०.३१ प्रतिशत की तेजी आई।
विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में १,१६५.९४ करोड़ का बिक्री की।

मुंबई, २४ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय बेंचमार्क सूचकांक आज के कारोबारी दिन सपाट खुले। शुरुआती कारोबार में निफ्टी एफएमसीजी में १.४२ प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार हो रहा था।

सुबह लगभग ९ बजकर ३२ मिनट पर सेंसेक्स ६२.३१ अंक या ०.०७ प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ८४,४९४.०९ स्तर पर था। वहीं, निफ्टी ५० इंडेक्स ८.४५ अंक या ०.०३ प्रतिशत की गिरावट के साथ २५,८८२.९५ पर बना हुआ था।

निफ्टी बैंक १५.५० अंक या ०.०३ प्रतिशत की गिरावट के साथ ५८,०६२.५५ पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी मिडकैप १०० इंडेक्स में ५६.७५ अंक या ०.१० प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ ५९,४२८ पर था। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप १०० इंडेक्स ९.४५ अंक या ०.०५ प्रतिशत की गिरावट के साथ १८,२८२ पर था।

निफ्टी के संदर्भ में मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि शुरुआत में साइडवेज मूव्स की उम्मीद है। यदि निफ्टी की गिरावट २५,८३०/७८० स्तर से ऊपर बनी रहती है, तो २६,१८६ को वापस रडार में लाने की कोशिशें हो सकती हैं। दूसरी ओर, यदि पुल बैक की कोशिशें २६,००० स्तर को पार नहीं कर पातीं, तो दोबारा गिरावट संभव है, जिसका लक्ष्य २५,५९०-४०० लेवल होगा।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि अमेरिका के साथ एक फेयर और बराबरी का एग्रीमेंट करने की उम्मीद है। इसलिए चल रही रैली बने रहने की संभावना है। वहीं, अमेरिका और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच आने वाले समिट में यूएस-चीन ट्रेड डील होने की भी संभावना है।

मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा, "अमेरिका के पास चीन के साथ अधिक मोलभाव करने की शक्ति नहीं है, क्योंकि चीन के पास रेयर अर्थ मिनरल्स और मैग्नेट का बहुत बड़ा कंट्रोल है। इसका मतलब है कि अमेरिका को अपने गैर-जरूरी सख्त टैरिफ वाले रुख से पीछे हटना पड़ सकता है।"

इसी बीच, सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल, टाटा स्टील, एमएंडएम और भारती एयरटेल टॉप गेनर्स रहे। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, कोटक बैंक और एक्सिस बैंक टॉप लूजर्स थे।

अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस ०.३१ प्रतिशत या १४४.२० अंक की तेजी के साथ ४६,७३४.६१ पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी ५०० इंडेक्स ०.५८ प्रतिशत या ३९.०४ अंक की बढ़त के साथ ६,७३८.४४ स्तर पर और नैस्डेक ०.८९ प्रतिशत या २०१.४० अंक की तेजी के साथ २२,९४१.८० पर हरे निशान में बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में बैंकॉक, जकार्ता, सोल, हांगकांग, जापान और चीन सभी हरे निशान में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने पिछले कारोबारी दिन २३ अक्टूबर को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने १,१६५.९४ करोड़ रुपए के भारतीय शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने शुद्ध खरीदार बने रहकर ३,८९३.७३ करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह जरूरी है कि हम आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक समान दृष्टिकोण अपनाएं। वर्तमान में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है, और निवेशकों को धैर्य से काम लेना चाहिए। हमें उम्मीद है कि बाजार में स्थिरता आएगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या निफ्टी में गिरावट का कारण है?
निफ्टी में गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों की स्थिति और अमेरिका-चीन संबंधों में तनाव है।
क्या निवेशकों को शेयर खरीदने का समय है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गिरावट का रुख जारी रहता है, तो यह निवेश के लिए अच्छा अवसर हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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