बिहार भाजपा ने विपक्ष की मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की कोशिश को बताया संवैधानिक व्यवस्था की जीत

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बिहार भाजपा ने विपक्ष की मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की कोशिश को बताया संवैधानिक व्यवस्था की जीत

सारांश

बिहार भाजपा के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की प्रयासों को गलत ठहराया है। उन्होंने इसे संविधानिक व्यवस्था के अनुसार मानते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए।

Key Takeaways

  • मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया संवैधानिक होनी चाहिए।
  • बिहार भाजपा ने विपक्ष की मांगों को गलत बताया है।
  • संविधानिक संस्थाओं पर अनावश्यक दबाव नहीं होना चाहिए।
  • प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को ऐतिहासिक बताया गया है।
  • लोकतंत्र में संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

पटना, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष की कोशिशों को बिहार भाजपा के नेताओं ने गलत ठहराया है। उन्होंने इसे संविधानिक व्यवस्था के अनुसार मानते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए।

बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग से संबंधित विपक्षी सांसदों के नोटिस को खारिज किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने इसे संविधानिक प्रक्रिया के अनुरूप बताते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए।

रामकृपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग एक संविधानिक संस्था है और इसे किसी के कहने पर हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग, चुनाव आयुक्त या सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। सिर्फ इस कारण कि विपक्ष के हित पूरे नहीं हो रहे, वे अपने पक्ष में निर्णय चाहते हैं, ऐसा संभव नहीं है।” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में हस्तक्षेप न करने और अपील खारिज किए जाने को भी सही कदम बताया।

मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह संविधानिक संस्थाओं पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना जरूरी है और इस तरह की मांगें राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित लगती हैं।

इस दौरान पटना में ही उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने वादों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और देशहित में बड़े फैसले ले रहे हैं। समान नागरिक संहिता और महिलाओं के लिए आरक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार की प्रतिबद्धता को उन्होंने ऐतिहासिक बताया।

वहीं, बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि इससे भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में उभरा।

संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख लगातार बढ़ रही है। उन्होंने भाजपा के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” और यूसीसी जैसे मुद्दे देश की एकता और विकास के लिए आवश्यक हैं।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया क्या होती है?
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसमें संसद के दोनों सदनों में बहुमत से मतदान आवश्यक है।
बिहार भाजपा का इस मामले में क्या कहना है?
बिहार भाजपा ने इसे संविधानिक व्यवस्था की जीत बताया है और विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
रामकृपाल यादव का इस मामले में क्या बयान है?
रामकृपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग एक संविधानिक संस्था है और इसे किसी के कहने पर नहीं हटाया जा सकता।
क्या विपक्ष की मांगें राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित हैं?
बिहार भाजपा के नेताओं का मानना है कि विपक्ष की मांगें राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के बारे में क्या कहा गया?
प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को ऐतिहासिक बताया गया है, जिसमें समान नागरिक संहिता और महिलाओं के लिए आरक्षण शामिल हैं।
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