बिहार: शादी का झांसा देकर युवती को पश्चिम बंगाल के रेड लाइट एरिया में बेचने का आरोप, पुलिस ने किया रेस्क्यू
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पटना गाँव की एक युवती को कथित तौर पर प्रेम जाल में फँसाकर पश्चिम बंगाल के पंजिपारा स्थित रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया। बिहार पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए युवती को सकुशल बरामद कर लिया और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। यह मामला 17 अक्टूबर को सामने आया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले रात के समय युवती के अपहरण की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई। युवती की बरामदगी के लिए चकिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के सत्यापन के आधार पर कार्रवाई करते हुए पंजिपारा स्थित रेड लाइट एरिया से युवती को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराया गया।
आरोपी पर क्या है इल्ज़ाम
युवती ने अपने बयान में बताया कि मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर पट्टी निवासी रोहित कुमार और उसके तीन अन्य सहयोगियों ने उसे प्रेम जाल में फँसाया। आरोप है कि शादी का भरोसा दिलाकर उसे विश्वास में लिया गया और फिर पश्चिम बंगाल ले जाकर बेच दिया गया।
युवती के बयान के आधार पर पुलिस ने रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसे 13 अक्टूबर को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस रेस्क्यू अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार, पुलिस निरीक्षक अरविंद कुमार, थानाध्यक्ष राहुल कुमार, अपर थानाध्यक्ष राज कुमार राजू और पुलिस अवर निरीक्षक मनोज ठाकुर शामिल थे। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
आम जनता पर असर
यह घटना एक बार फिर यह रेखांकित करती है कि किस प्रकार कथित तौर पर प्रेम और विश्वास की आड़ में युवतियों को मानव तस्करी के जाल में फँसाया जाता है। बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जो अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क की गंभीर चुनौती को उजागर करते हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मानव तस्करी-रोधी इकाइयाँ राज्य में सक्रिय हैं। आगे की जाँच में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी पर ध्यान केंद्रित रहेगा।