10 अगस्त 2026
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बिहार: पीपराकोठी पुलिस ने राजस्थान ले जाई जा रही महिला को छुड़ाया, मानव तस्करी गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार

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बिहार: पीपराकोठी पुलिस ने राजस्थान ले जाई जा रही महिला को छुड़ाया, मानव तस्करी गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार

सारांश

बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस ने राजस्थान ले जाई जा रही एक महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर ले जाने की कोशिश नाकाम की। झुंझुनू से जुड़े गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार, 5 मोबाइल बरामद — CDR से नेटवर्क की पड़ताल जारी।

मुख्य बातें

पीपराकोठी पुलिस ने 22 जून 2026 को छापेमारी में राजस्थान ले जाई जा रही एक महिला को सुरक्षित मुक्त कराया।
मानव तस्करी गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार, जिनमें 3 महिलाएँ शामिल; मुरली मेघवाल (27) और अजय कुमार (21) प्रमुख आरोपी।
तीन आरोपी राजस्थान के झुंझुनू जिले के निवासी बताए गए हैं।
पीड़िता ने बताया कि उसे पैसों का लालच देकर और नशीला पदार्थ खिलाकर ले जाया जा रहा था।
आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन बरामद; CDR जाँच से गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल जारी।
थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी थाना क्षेत्र में बिहार पुलिस ने 22 जून 2026 को मानव तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान ले जाई जा रही एक महिला को सुरक्षित मुक्त कराया। इस अभियान में तीन महिलाओं सहित कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उन सभी के खिलाफ मानव तस्करी की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

कैसे मिली सूचना और कैसे हुई कार्रवाई

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति महिलाओं को बहला-फुसलाकर और विभिन्न प्रलोभन देकर बिहार से राजस्थान ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की सत्यता जाँचने के बाद थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में महिला पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी में पीपराकोठी चौक पर छापेमारी अभियान चलाया गया।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

छापेमारी में गिरफ्तार आरोपियों में मुरली मेघवाल (27 वर्ष) और अजय कुमार (21 वर्ष) शामिल हैं। तीन आरोपी राजस्थान के झुंझुनू जिले के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से Vivo, Oppo, iTel, Moto और Mi कंपनी के पाँच मोबाइल फोन भी बरामद किए।

पीड़िता का बयान

मुक्त कराई गई महिला ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसे पैसों का लालच देकर साथ ले जाया जा रहा था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे नशीला पदार्थ खिलाया गया था, जिसके बाद उसे राजस्थान ले जाने की योजना बनाई गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार से अंतरराज्यीय मानव तस्करी के मामलों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की जा रही है।

डिजिटल साक्ष्यों से नेटवर्क की पड़ताल

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोनों की जाँच कर कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के व्यापक नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। इस अभियान में पुलिस पदाधिकारी शशिभूषण कुमार, सिमराजश्री, संतोष कुमार जायसवाल तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार मामले की गहन जाँच जारी है और मानव तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बिहार-राजस्थान मार्ग पर इस तरह के तस्करी गिरोहों की सक्रियता पहले भी सामने आ चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस सिर्फ मोहरों को नहीं, बल्कि नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुँचती है। पीड़िता के बयान में नशीले पदार्थ के आरोप की स्वतंत्र चिकित्सा पुष्टि आवश्यक है — यह विवरण न्यायालय में आरोप की गंभीरता तय करेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार के पीपराकोठी में मानव तस्करी का यह मामला क्या है?
22 जून 2026 को पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी थाना पुलिस ने एक महिला को राजस्थान ले जाए जाने से पहले मुक्त कराया और तस्करी गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया। पीड़िता के अनुसार उसे पैसों का लालच देकर और नशीला पदार्थ खिलाकर ले जाने की कोशिश की जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और वे कहाँ के हैं?
गिरफ्तार 5 आरोपियों में मुरली मेघवाल (27 वर्ष) और अजय कुमार (21 वर्ष) प्रमुख हैं। इनमें से तीन आरोपी राजस्थान के झुंझुनू जिले के निवासी बताए गए हैं। सभी पर मानव तस्करी की धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ कैसे किया?
पीपराकोठी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि महिलाओं को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में पीपराकोठी चौक पर छापेमारी की गई।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ और जाँच कहाँ तक पहुँची है?
आरोपियों के पास से Vivo, Oppo, iTel, Moto और Mi कंपनी के 5 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस इन फोनों की CDR और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर गिरोह के व्यापक नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पीड़िता महिला की स्थिति क्या है और आगे क्या होगा?
पीड़िता को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया है और उसके बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया है कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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