पटना में महिला पुलिसकर्मियों से हाथापाई: आरोपी प्रदीप कुमार CCTV से पकड़ाया, 2 अभी फरार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार, 1 अक्टूबर 2026 की रात गश्त पर निकली महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और हाथापाई करने के मामले में पुलिस ने 22 वर्षीय प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रामकृष्ण नगर इलाके का निवासी है और उसकी शिनाख्त सीसीटीवी फुटेज तथा स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात
पुलिस बयान के अनुसार, यह घटना बुधवार रात लगभग 8:30 बजे रामकृष्ण नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत खेमनीचक-सुभाषनगर चौराहे के पास हुई। महिला पुलिसकर्मियों की एक टीम नियमित गश्त पर थी, जब उन्होंने तीन युवकों को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया और उन्हें पूछताछ के लिए रोका।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों में से एक युवक ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और हाथापाई की। जब अधिकारियों ने तीनों को हिरासत में लेने का प्रयास किया, तो वे मौके से फरार हो गए। इसके बाद तीन अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।
गिरफ्तारी कैसे हुई
पटना पुलिस ने फरार आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी नेटवर्क और स्थानीय मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। जाँच में प्रदीप कुमार की पहचान मुख्य आरोपी के रूप में हुई, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दो अन्य आरोपियों का अभी तक पता नहीं चला है। गुरुवार देर रात जारी पुलिस बयान में कहा गया कि उनकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
बिहार में पुलिसकर्मियों पर हमलों का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बिहार में पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट और उनके कार्य में बाधा डालने के मामलों की संख्या में हाल के महीनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध है। यह घटना विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और उनके प्रति सामाजिक व्यवहार पर सवाल उठाती है।
'पुलिस दीदी' पहल और महिला सुरक्षा
इस घटना ने बिहार सरकार की 'पुलिस दीदी' पहल की ओर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है। इस पहल के तहत स्कूलों और कॉलेजों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया जाता है ताकि छेड़खानी, उत्पीड़न और स्टॉकिंग जैसी समस्याओं से निपटा जा सके। योजना का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिला पुलिसकर्मियों पर ही हमले होने की घटनाएँ ऐसी पहलों की प्रभावकारिता और इन्हें लागू करने वाले कर्मियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ती हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी प्रदीप कुमार से पूछताछ जारी है और फरार दोनों साथियों के नाम-पते उजागर करने का प्रयास हो रहा है। जाँच अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपों में आईपीसी की संबंधित धाराएँ जोड़ी जा सकती हैं। मामले में अगला कदम दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर निर्भर करेगा।